अजमेर विद्युत निगम उपभोक्ताओं के साथ दोहरा रवेय्या अपना रहा है। घरेलू उपभोक्ता के बिल नहीं भरने पर दो-तीन माह में बिजली का कनेक्शन काट दिया जाता है, जबकि सरकारी विभागों के साल भर के बिल बकाया चल रहे हैं। जिले में 2033.39 लाख रुपए बिजली के बिल के बकाया चल रहे हैं।
हिमांशु धवल
राजसमंद. विद्युत वितरण निगम के इंजीनियर जिले के सरकारी महकमों पर मेहरबान है। राज्य और केन्द्रीय विभागों की ओर से सालभर बिल जमा नहीं कराने के कारण विद्युत निगम के 2099.39 लाख रुपए बकाया चल रहे हैं। निगम के इंजीनियर भी नोटिस देकर इतिश्री कर रहे हैं। सरकारी महकमें बिजली का बकाया बिल जमा नहीं करा रहे हैं। इससे कई इंजीनियरों पर कार्रवाई की तलवार भी लटक गई है। अजमेर विद्युत वितरण निगम की ओर से बिजली की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। निगम की ओर से पहले दो माह का बिजली का बिल दिया जाता था, लेकिन कुछ माह से अब प्रतिमाह बिजली का बिल उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके बावजूद जिले में संचालित सरकारी विभागों की ओर से कई माह से बिजली का बिल नहीं भरा जा रहा है। इसके कारण यह राशि पिछले माह के अंत तक करीब बीस करोड़ से अधिक पहुंच गई है। इस माह की राशि को जोडऩे पर यह राशि और बढ़ जाएगी। निगम की ओर से विभागों को बिजली का बिल भरने के लिए नोटिस जारी किए गए, इसके बावजूद अभी तक बिजली का बकाया नहीं चुकाया गया। निगम के इंजीनियर इसके लिए कई बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर भी काट चुके हैं, लेकिन उन्हें सिर्फ आश्वासन देकर चलता कर दिया जाता है। लेकिन अब बकाया वसूली नहीं होने के कारण निगम की ओर से संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की तैयारी है।
जिले में राजसमंद में नगर परिषद, नाथद्वारा में नगर पालिका, देवगढ़ में नगर पालिका और आमेट में नगर पालिका के 1185.56 लाख रुपए बकाया चल रहे हैं। आमजन को सुविधा उपलब्ध कराने के लिए रोड लाईटें और सार्वजनिक स्थानों पर लाईटों के बिल का भुगतान स्थानीय निकायों को करना होता है। जानकारों की मानें तो सर्वाधिक राशि राजसमंद नगर परिषद की करीब 8 करोड़ के अधिक की बताई जा रही है। इसमें से अधिकांश बकाया रोड लाइटों का है। नगरीय निकायों की ओर से रोड लाइटों का बिल प्रतिवर्ष समय पर जमा नहीं कराया जाता है। इससे निगम की मुश्किल भी बढ़ती है।
आम उपभोक्ताओं का एक-दो माह का बिजली का बिल बकाया होते ही निगम की टीम बिजली का कनेक्शन काट देती है, जबकि सरकारी विभागों का कई माह से तो कुछ विभागों का कई वर्षो से बिजली का बिल लाखों रुपए बकाया चल रहा है। बार-बार नोटिस देने के के बाद भी बकाया जमा नहीं कराया जा रहा है, इसके बावजूद कनेक्शन विच्छेद नहीं किया जाना निगम के इंजीनियरों का दोहरा रवैय्या दर्शाता है। निगम को सख्ती करने की आवश्यकता है।
जिले के सरकारी विभागों के बिजली के बिल के रूप में 2099.39 लाख रुपए से अधिक बकाया चल रहे है। बिल जमा कराने के लिए कई बार नोटिस दिए जा चुके हैं। अब बिल जमा नहीं कराने वाले विभागों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।