
राजसमंद. चिकित्सा संस्थान समय पर खुलें, सभी डॉक्टर और स्टॉफ समय पर निर्धारित यूनिफॉर्म में उपस्थित रहे, संस्थान के स्तर के अनुरूप नि:शुल्क दवाइयां एवं जांचों की सुविधा उपलब्ध हों और चिकित्सा संस्थान साफ - सुथरा रहे। यह निर्देश मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पंकज गौड़ ने आमेट, भीम और देवगढ़ ब्लॉक पर आयोजित विभागीय समीक्षा बैठकों में दिए।
उन्होंने चिकित्सा अधिकारियों को निर्देशित किया कि चिकित्सा सेवाओं को लेकर आमजन में भरोसा कायम करने के लिए चिकित्सक एवं स्टॉफ को पूर्ण अनुशासन में रहकर मरीजों से सहानुभुतिपूर्वक व्यवहार करना चाहिए तथा मरीजों एवं उनके परिजनों के लिए चिकित्सा संस्थान में स्वच्छ पेयजल के साथ ही बैठने की व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें। चिकित्सा संस्थानों पर कार्यरत अधिकारियों एवं स्टॉफ की बॉयोमैट्रिक उपस्थिति सुनिश्चित करनी है तथा प्रतिदिन इसकी रिपोर्ट जिला स्तर पर भिजवाई जाए।
मौसमी बीमारी स्वाइन फ्लू के मद्देनजर सभी आशा एवं एएनएम को निर्देशित किया कि क्षेत्र में सर्दी, खांसी, बुखार, गले में खराश के मरीजों को चिकित्सा संस्थान पर उपचार के लिए प्रेरित करें। साथ ही गर्भवति महिलाओं, वृद्धों, बच्चों तथा पुरानी बीमारी से पीडि़त व्यक्तियों में सर्दी, खांसी, बुखार जैसे लक्षण देखें तो तत्काल रैफर करें।
उन्होंने नि:शुल्क दवा योजना को गंभीरता के साथ संचालित करने के लिए सभी चिकित्सा अधिकारियों को निर्देशित किया, कि वे संस्थान पर उपलब्ध दवाओं, अधिक मात्रा एवं कम मात्रा में उपलब्ध दवाओं एवं एक्पायरी के करीब दवाओं की एक सूची हमेशा अपने टेबल पर सुनिश्चत करें तथा प्रति सोमवार इसे अपडेट करें।
प्रभारी जिला औषधि भण्डार एवं नोडल अधिकारी नि:शुल्क दवा योजना डॉ अनिल जैन ने ई औषधि पोर्टल पर चिकित्सा संस्थान पर आने वाले मरीजों के वॉउचरर्स का शत प्रतिशत इन्द्राज करने। संस्थान पर होने वाली जांचों का इन्द्राज करने तथा चिकित्सा संस्थानों को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से रजिस्ट्रेशन रिन्यू करवाने को लेकर निर्देशित किया। बैठक में खंड मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ सी.पी सूर्या, डॉ नरेन्द्र दुलारा सहित सभी चिकित्सा अधिकारी, एएनएम एवं स्टॉफ उपस्थित था।