
चारभुजा. होलिका दहन के दूसरे दिन शुक्रवार को चारभुजानाथ के मंदिर व सैवन्त्री के रूपनारायण मंदिर में फागोत्स्व मेले की शुरुआत हुई। फागोत्सव के तहत भगवान के बाल स्वरूप को शृंगारित कर चांदी की पालकी में झुलाया गया। झूले के दोनों ओर कतार में खड़े रहकर पुजारियों के द्वारा हरजस के गान का स्तवन किया गयार। झूले के दर्शन शाम 4 बजे खुले, जो 6 बजे आरती के साथ बन्द हुए। होलिका दहन का आनन्द लेने के लिए चित्तौडग़ढ़ से ईनानी परिवार की ओर से पैदल यात्रा निकाली गई। 51 पदयात्रियों का यह जत्था होलिका दहन से पूर्व दोपहर में यहां पहुंचा। वहीं, पहले दिन फाग मनोरथ के दर्शन कर गुलाल-अबीर के साथ प्रभु संग खूब होली खेली। इसके साथ संध्या आरती के बाद मंदिर प्रांगण में पन्द्रह दिनों तक चलने वाले गेर नृत्य की भी शुरुआत हुई। इससे पूर्व देवस्थान विभाग, पुजारी समाज व ग्रामवासियों की चारभुजा स्थित धार्मिक कस्बे की होलिका का दहन गुरुवार को सन्धा आरती के बाद रात 8 से 8 .30 के बीच किया गया। संध्या आरती के बाद पुजारीगण चंग बजाते गाते हुए होलिका थान पहुंचे, जहां पं. भोलेश्वर पालीवाल ने मंदिर के चौवटिया, भण्डारी व पंचायत के सरपंच नाथूलाल गुर्जर से विधि-विधान से मंत्रोचार के साथ पूजन करवाया। वहीं, होलिका के रक्षा सूत्र बांध होलिका के समक्ष दीप जलाकर धन-धान्य, भाईचारे की भावना के साथ खुशहाली की कामना की। इसके बाद होलिका का दहन किया गया। कसार गांव में सनातन वैदिक संस्थान द्वारा रात्रि 8 .30 बजे पं. उमेश द्विवेदी के सानिध्य में पूजन के बाद होलिका दहन किया गया। दूसरे दिन शुक्रवार को ढंूढोत्सव में गेरियों द्वारा घर-घर जाकर नवजात शिशुओं को ढूंढकर यह पर्व मनाया।
मां सरस्वती की प्राण-प्रतिष्ठा की
राजसमंद. गायत्री पब्लिक स्कूल, धोइन्दा में मां सरस्वती की प्राण-प्रतिष्ठा एवं मूर्ति स्थापना कार्यक्रम हुआ। पूजा, हवन, यज्ञ के साथ अतिथियों के सान्निध्य में मूर्ति स्थापना, पूर्णाहूति एवं आरती हुई। अध्यक्षता अतिरिक्त जिला शिक्षाधिकारी शिव कुमार व्यास ने की। मुख्य अतिथि माधव दरक व विशिष्ट अतिथि डॉ. राकेश तेलंग, अति विशिष्ट अतिथि त्रिलोक मोहन पुरोहित, डॉ. पद्मेश तेलंग, मनोहरगिरि गोस्वामी, देवकिशन पालीवाल, राधा किशन निष्कलंक, मांगीलाल बौराणा आदि मौजूद रहे।