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लेहरूलाल के खेत में 80 फीसदी खराब हुए बैंगन, कृषि विभाग का आंकलन

फसल खराबे पर किसान के आत्महत्या का मामला
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लेहरूलाल के खेत में 80 फीसदी खराब हुए बैंगन, कृषि विभाग का आंकलन

पीपली आचार्यान (राजसमंद)
तापमान 0 डिग्री से नीचे उतरने पर मृतक किसान लेहरूलाल कीर के करीब दो बीघा खेत में बैंगन की फसल जल कर खराब हो गई। उपखंड अधिकारी प्रवीण कुमार के साथ राजस्व दल ने पीपली आचार्यान पहुंचकर खेतों में फसल खराबे व उसके परिवार की भौतिक स्थिति की रिपोर्ट तैयार कर जिला कलक्टर अरविंद पोसवाल को पे्रषित कर दी गई। इधर, कृषि विभाग ने पीपली आचार्यान में बैंगन में 80 फीसदी खराबा बताया है।

जानकारी के अनुसार पीपली आचार्यान निवासी लेहरूलाल (48) पुत्र रादूलाल कीर के ख्ेात में बैंगन की फसल खराब होने पर 30 दिसम्बर सुबह खेत पर पेड़ से फांसी का फंदा लगा आत्महत्या कर ली। उपखंड अधिकारी प्रवीण कुमार, तहसीलदार गोवर्धन सिंह झाला, पुलिस उप अधीक्षक डॉ. दुर्गसिंह, कांकरोली थाना प्रभारी कैलाश दान, अधिकारी, कार्मिक मृतक किसान लेहरूलाल के घर पहुंच गए। बीपीएल सूची में शामिल लेहरूलाल के परिवार में पत्नी, बच्चों की भौतिक स्थिति को सूचीबद्ध किया। उपखंड अधिकारी ने बताया कि प्रथम दृष्टया जो फीडबैक मिला, उसके मुताबिक लेहरू लाल के परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर है। बड़ा बेटा कॉलेज में है, जबकि अन्य बच्चे भी छोटे है। पत्नी गृहिणी है और परिवार चुनाई व कृषि पर ही आश्रित रहा। इस तरह घर की भौतिक रिपोर्ट तैयार कर ली। उसके बाद उपखंड अधिकारी के साथ राजस्व दल उसके खेतों पर पहुंचा, जहां अधिकारियों ने खराब फसलों का जायजा लिया। उसके बाद उपखंड अधिकारी के नेतृत्व में राजस्व व कृषि पर्यवेक्षकों के साथ भौतिक रिपोर्ट तैयार कर जिला कलक्टर को पे्रषित कर दी।

बैंगन में 80 फीसदी खराबा
सहायक कृषि निदेशक (उद्यान), विनोद कुमार जैन, कृषि पर्यवेक्षक मनोहरशंकर आचार्य, लोभचंद लौहार ने मृतक किसान लेहरूलाल के खेतों का अवलोकन किया। कृषि अधिकारी जैन ने बताया कि बैंगन की फसल 70 फीसदी तक खराबा है। आधा बीघा खेत में पौधे छोटे होने से ज्यादा खराबा है, जबकि बड़े पौधे वाले करीब एक डेढ़ बीघा में नुकसान कम है। जैन ने बताया कि खराबे की वास्तविक स्थिति सिंचाई के बाद अगले दो तीन दिन बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

हरसंभव मदद के रहेंगे प्रयास
फसल खराबे से किसान के आत्महत्या की। परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है, जो खेती पर ही आश्रित था। उसे हरसंभव सरकार से आर्थिक सहायता दिलाने के ध्येय से ही आए है। इसकी भौतिक रिपोर्ट सहायता राशि दिलाने के प्रयास किए जाएंगे।
प्रवीण कुमार, उपखंड अधिकारी राजसमंद

Published on:
01 Jan 2019 12:11 pm