राजसमंद

Free entry order: गांधी पार्क में निशुल्क प्रवेश का आदेश, न्यायालय में प्रस्तुत वाद पर हुआ निर्णय

गांधी पार्क में वैष्णवों, दर्शनार्थियों एवं शहर के नागरिकों के लिए निशुल्क प्रवेश के आदेश दिए

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Apr 14, 2018

नाथद्वारा. स्थानीय न्यायालय के वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश लक्ष्मीकांत वैष्णव ने धर्मनगरी मेंं स्थित सार्वजनिक गांधी पार्क में वैष्णवों, दर्शनार्थियों एवं शहर के नागरिकों के लिए निशुल्क प्रवेश के आदेश दिए हैं।
वर्ष २०१२ में वरिष्ठ सिविल न्यायालय में वादीगण नरहरी ठाकर, रामचन्द्र बागोरा, स्वतंत्रता सैनानी मदनमोहन चौधरी, भंवरलाल काबरा, हरिसिंह कुमावत, लालाराम गुर्जर, शिक्षाविद् जमनादास पालीवाल के द्वारा नगर पालिका नाथद्वारा मंदिर मंडल व राजस्थान राज्य के विरुद्ध न्यायालय में प्रस्तुत किए गए दावे को न्यायालय ने स्वीकार किया था। दावे में में बताया कि गांधी पार्क की वादग्रस्त जमीन को १९५० में पुष्टिमार्गीय वैष्णव संप्रदाय की प्रधानपीठ के तात्कालीन तिलकायत गोङ्क्षवदलाल महाराज द्वारा जमीन प्रदान की थी। इसमें राज्य सरकार व नगर पालिका द्वारा एंपावर्ड कमेटी का गठन किया जाकर ऑडिटोरियम का निर्माण कर दिया गया। लेकिन, महात्मा गांधी की मूर्ति के नीचे लगे शिलालेख और स्वतंत्रता सैनानियों की पट्टिका को सौन्दर्यकरण के दौरान हटा दिया गया था। साथ ही वहां की हरियाली व मूल स्वरूप को परिवर्तित किया जा रहा था। न्यायालय द्वारा उभय पक्षों की सुनवाई के पश्चात राज्य सरकार द्वारा जाहिर विकास के बिंदुओं पर भी गौर किया गया। इसके बाद जिला कलक्टर राजसमंद, आयुक्त नगर पालिका और मंदिर मंडल को सार्वजनिक उद्यान महात्मा गांधी पार्क के मूल स्वरूप को बरकरार रखने और उसमें किसी प्रकार की व्यावसायिक प्रयोजन के लिए आर्ट गैलेरी, म्यूजियम एवं हॉल का निर्माण नहीं करने को पाबंद किया गया। न्यायाधीश वैष्णव ने पालिका व राज्य सरकार द्वारा पूर्व में निर्मित ऑडिटोरियम (१1 अप्रेल २०१८ तक निर्मित हो चुका) और सुलभ कॉम्पलेक्स की व्यवस्था को यथावत रखने पालिका को पाबंद किया। साथ ही पालिका को इस संबंध में भी पाबंद किया गया कि गांधी पार्क में आने-जाने व भ्रमण पर कोई शुल्क नहीं लगाया जाए। वहीं स्वतंत्रता सैनानियों के स्तंभ और शिलालेख पट्टिका को यथावत रखने के लिए भी पाबंद किया गया। इसके साथ ही सार्वजनिक उद्यान गांधी पार्क में पेड़ों की कटाई नहीं करने, सुलभ कॉम्पलेक्स की मूल्य आधारित सेवा को यथावत रखने और सुलभ कॉम्पलेक्स व पार्क में साफ सफाई का ध्यान रखने को पाबंद किया।

न्यायालय के समक्ष नगर पालिका आयुक्त लजपाल सिंह भी बहस के दौरान उपस्थित रहे। न्यायालय द्वारा गांधी पार्क स्थित पूर्व निर्मित ऑडिटोरियम के उपयोग, उपभोग एवं रखरखाव की स्वतंत्रता भी नगर पालिका व आयुक्त को प्रदान की गई।

Published on:
14 Apr 2018 01:41 pm
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