
देवगढ़. नगर के विभिन्न स्थानों पर स्थापित गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन जुलूस हैरतअंगेज अखाड़ा प्रदर्शन के साथ रविवार दोपहर को भारी पुलिस जाब्ते ओर तेज बारिश के बीच निकाला गया।
दोपहर में माणक चौक से गणेश विसर्जन जुलूस रवाना हुआ। यह सदर बाजार, सूरज दरवाजा, खटीक मोहल्ला, दरगाह मोहल्ला, गूजरी दरवाजा होते हुए विसर्जन स्थल सूरज दरवाजा के राघव सागर की पाल की ओर पहुंचे। इस दौरान मार्ग में कई स्थानों पर युवकों ने हैरतअंगेज अखाड़ा प्रदर्शन भी किया। जुलूस के समय तेज बारिश का दौर भी चलता रहा। जुलूस के दौरान पैदल चल रहे और मकानों की छतों पर तैनात पुलिस के जवान बारिश में भीग कर भी अपनी ड्यूटी करते नजर आए।
ये अधिकारी रहे मौजूद
जिला कलक्टर ष्यामलाल गुर्जर, अति. कलेक्टर राकेश कुमार, अति. पुलिस अधीक्षक राजेश भारद्वाज, एसडीएम देवगढ़ केआर चौहान, सीओ राजसमंद गोविंदसिंह, डीवाईएसपी कुम्भलगढ़ मनजीत सिंह शक्तावत, डीवाईएसपी नाथद्वारा ओमप्रकाश, डीवाईएसपी भीम भरतसिंह, डीवाईएसपी राजसमंद दुर्गसिंह सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। वहीं, विभिन्न कंपनियों का सैकड़ों की संख्या में पुलिस जाब्ता मौजूद रहा।
खटीक मोहल्ला बना छावनी
खटीक मोहल्ला, दरगाह मोहल्ला को जुलूस के दौरान पुलिस बल ने छावनी में तब्दील कर दिया। दोनों मोहल्लो में सभी मकानों की छतों पर पुलिस के जवान तैनात हुए। इसके अलावा कस्बा चौकी पर एक कन्ट्रोल रूम बनाया गया, मोहल्लो में 15 सीसीटीवी कैमरे, 5 ड्रोन कैमरे से गणपति जुलूस एवं नगर की निगरानी रखी गई।
राघव सागर में विसर्जन
गणपति विसर्जन के पूरे दिन सुबह 11 से शाम 6 बजे तक शोभायात्रा निकाली गई। इसमें श्रद्धालु डीजे की धुन पर बारिश में भीगते हुए नाचते-नाचते आगे बढ़ रहे थे। इस दौरान भामाशाह द्वारा सूरज दरवाजा पर चाय एवं कोतवाली चबूतरा पर पोहे का वितरण किया गया।
अफवाहों का दौर भी रहा
नगर में पिछेले दिनों की घटना के बाद तनाव पूर्ण माहौल के चलते आज भी पूरे दिन अफवाहों का दौर चलता रहा। लेकिन, शांति पूर्ण विसर्जन के बाद लोगों ने राहत की सांस ली।
बरसात के बीच विसर्जन
आमेट. बरसात के बीच रविवार को नगर में गणपति जी की विशाल शोभायात्रा निकाली गई। गणेश चौक से दोपहर करीब सवा एक बजे बप्पा की प्रतिमा को ट्रेक्टर ट्रोली मे विराजित कर गाजे बाजे व जयकारों के साथ शोभायात्रा रवाना हुई। इसके आगे बढऩे के साथ नगर के विभिन्न स्थानों की प्रतिमाएं भी शामिल होती गई। प्रमुख मार्गों से होकर शोभायात्रा डालाखेड़ा के समीप नाड़ी पहुंची, जहां प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। इस दौरान मनोहर सिंह राठौड़, उमेश लोहार, अर्जुनलाल टेलर, भरत पानेरी, ऊंकारलाल माली, सुरेश टेलर, केशरसिंह, शांतिलाल, प्रदीपसिंह राठौड़, धर्मेश मेवाड़ा आदि मौजूद थे।