राजसमंद

देश में अच्छी बारिश देखकर न हों परेशान, भादवे में भिगेगा मेवाड़

जानें क्या आया नाथद्वारा के श्रीनाथजी मंदिर में आषाढ़ी तोल का फल
2 min read
rajsamand news
देश में अच्छी बारिश देखकर न हों परेशान, भादवे में भिगेगा मेवाड़

नाथद्वारा. प्रभु श्रीनाथजी मंदिर में के खर्च भंडार में तोली गई आषाढ़ी का शनिवार को वर्षफल सुनाया गया। इसमें समय सामान्य बताया गया एवं वर्षा के मध्यम रहने के साथ ही उपज भी सामान्य रहेगी। मंदिर के खर्च भंडार में पंडया डॉ. परेश नागर, भंडारी फतहलाल गुर्जर, मुनीम दिनेश पुरोहित, प्रचारक घनश्याम पुरोहित ने विभिन्न जिंसों को शनिवार को फिर से तोला। इसमेंं मूंग की पैदावार समान, मक्का सफेद में पाव रती व पीली मक्का में आधा रती की बढ़ोतरी, बाजरा में पौन रती की कमी व ज्वार में पाव रती की कमी रहने का अनुमान लगाया गा। इसी प्रकार सफेद साल व लाल साल में उपज समान, चवला छोटे की उपज बढ़ोतरी, चवला मोटा की उपज समान, तिल्ली सफेद में पाव रती की बढ़ोतरी, काली तिल्ली की उपज समान, उड़द समान, मोठ में पाव रती की एवं गवार में आधा रती बढ़ोतरी की संभावना व्यक्त की गई। इसी तरह अन्य जिंसों को लेकर भी आकलन किया गया।
मानव जीवन पर संकट कम
इस बार के समय में मानव जीवन में पाव रती की बढ़ोतरी बताई गई है। इससे यह अनुमान है कि इस बार मनुष्य जीवन पर संकट कम रहेगा। वहीं, पशुओं के जीवन में कमी आंकी गई है।
आगामी तीनों माह में बारिश
आषाढ़ी में इस बार बारिश का अनुमान श्रावण मास में तीन आना एवं उसके बाद ***** मास में सर्वाधिक पांच आना बारिश का अनुमान लगाया गया। जबकि, आसोज में मात्र तीन आना बारिश होने का अनुमान बताया गया है।
गिलूण्ड के आषाढ़ी तोल में भी बताई अंतिम चरण में मानसून के मेहरबान होने की जानकारी
रेलमगरा. गिलूण्ड के माणक चौक स्थित लाल मंदिर पर प्राचीन परंपरानुसार शनिवार को आषाढ़ी तोल किया गया। इसमें विभिन्न जिंसों में रही घटत-बढ़त के आधार पर इस मानसून का उतराद्र्ध चरण अच्छा रहने का अनुमान लगाया जा रहा है।
परंपरा के अनुसार गुरु पूर्णिमा पर संध्या आरती के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीणों की मौजूदगी में विभिन्न जिंसों का तोल कर मंदिर के गर्भ गृह में रखा, जिसके बाद मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार पर ताला लगा दिया गया। इसके बाद शनिवार प्रात: मंगला आरती के बाद गर्भ गृह में रखे जिंसों को पुन: बाहर निकाला व जेवरात तोलने के तराजु में इन जिसों का तोल किया गया। तोल में चारा, मुंगफली, देशी ज्वार में कमी आई। चना, उड़द, जौ, गेहूं 3765, अम्बाड़ी, बाजरा, हाई ब्रिड पीली मक्का, देशी पीली मक्का आदि का तोल बराबर रहा। वहीं, तोल में रिजका, पीली सरसों, मूंग, मैथी, लोकवन गेहंू, तुलसी, अलसी, अफीम, कांगणी, काली सरसों, देशी कपास, हाईब्रिड कपास, तिल्ली, अजवाईन, चंवला, हाईब्रिड ज्वार के तोल में बढ़ोतरी आई। वहीं, काली मिट्टी एवं सफेद मिट्टी के तोल में कमी आंकी गई, जिससे महिला एवं पुरुषों की जन्म एवं मृत्यु दर समान रहने की संभावना जताई गई। वहीं, नमक के तोल में बढ़ोतरी होने से आपसी सौहार्द में कमी आने की संभावना व्यक्त की गई। दूसरी और विभिन्न जिंसों के तोल में आई घटत एवं बढ़त के आधार पर ग्रामीणों ने इस वर्ष मानसून का अंतिम चरण अच्छा रहने के साथ जलाशयों में पानी भरने से भूजल के स्तर में बढ़ोतरी होने के साथ रबी फसलें भी अच्छी होने का अनुमान लगाया है। इस दौरान रतनलाल जाट, लक्ष्मीलाल गेलड़ा, कन्हैयालाल गेलड़ा, बद्रीलाल जाट, सोहनदास वैष्णव, रतनलाल दाधीच, प्रकाशचंद्र आंचलिया उपस्थित थे।

Published on:
29 Jul 2018 12:46 pm