राजसमंद. जिले में शिक्षा एवं पंचायतीराज मंत्री मदन दिलावर के औचक निरीक्षण के बाद प्रशासनिक तंत्र में हड़कंपमच गया है। स्वच्छता में लापरवाही और अनियमितताओं पर सख्त रुख अपनाते हुए सरकार ने एक के बाद एक बड़ी कार्रवाई की है कहीं प्रशासकों को पदमुक्त किया गया, तो कहीं अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया। जानकारी […]
राजसमंद. जिले में शिक्षा एवं पंचायतीराज मंत्री मदन दिलावर के औचक निरीक्षण के बाद प्रशासनिक तंत्र में हड़कंपमच गया है। स्वच्छता में लापरवाही और अनियमितताओं पर सख्त रुख अपनाते हुए सरकार ने एक के बाद एक बड़ी कार्रवाई की है कहीं प्रशासकों को पदमुक्त किया गया, तो कहीं अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया। जानकारी के अनुसार 2 अप्रैल को मंत्री मदन दिलावर ने जिले की ग्राम पंचायतों का बिना सूचना औचक निरीक्षण किया। गुंजोल ग्राम पंचायत में गंदगी और सफाई व्यवस्था की बदहाल स्थिति देखकर उन्होंने मौके पर ही नाराजगी जताई और सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। इस अव्यवस्था पर गुंजोल प्रशासक किशनलाल और पीपरड़ा प्रशासक सीताबाई को पद से हटाने के आदेश जारी कर दिए गए। यह आदेश अतिरिक्त आयुक्त एवं शासन उप सचिव त्रिलोकचंद मीना द्वारा जारी किया गया, जिसमें दोनों को स्वच्छता कार्यों में अनियमितता का दोषी माना गया।
मंत्री दिलावर के निरीक्षण के दौरान केलवा ग्राम पंचायत में भी गंदगी मिलने पर नाराजगी जताई गई। प्रशासक सुमन साहू को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। 7 दिन में जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
गुंजोल पंचायत में सामने आई लापरवाही का असर अधिकारियों पर भी पड़ा। अतिरिक्त विकास अधिकारी दौलतसिंह शक्तावत, सहायक विकास अधिकारी (स्वच्छता प्रभारी) सत्यनारायण बैरवा दोनों को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। आदेश में उल्लेख है कि इनके खिलाफ विभागीय जांच प्रस्तावित है और निलंबन अवधि में मुख्यालय पंचायतीराज विभाग जयपुर रहेगा। निरीक्षण के दौरान मंत्री ने पहले ही बीडीओ, एबीडीओ और वीडीओ को निलंबित करने के निर्देश दिए थे।
स्वच्छता के साथ-साथ अनियमितताओं पर भी सरकार सख्त नजर आई। ग्राम पंचायत जीतावास (पंचायत समिति रेलमगरा) में पट्टों के आवंटन में गड़बड़ी की शिकायतों की जांच के बाद: प्रशासक एवं पूर्व सरपंच पूरण चौधरी को पद से हटा दिया गया। जांच मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजसमंद द्वारा की गई थी, जिसमें अनियमितता सामने आने पर कार्रवाई की गई। यह आदेश भी अतिरिक्त आयुक्त एवं शासन उप सचिव (द्वितीय) त्रिलोक चंद मीणा द्वारा जारी किया गया।
मंत्री दिलावर 2 अप्रेल की सुबह सर्किट हाउस से निकलकर कल्लाखेड़ी, गुंजोल, पीपरड़ा, केलवा,ग्राम पंचायतों का निरीक्षण करने पहुंचे थे। इस दौरान गांवों में गंदगी और कीचड़, नियमित सफाई व्यवस्था का अभाव, योजनाओं के क्रियान्वयन में कमी और प्रशासनिक उदासीनता सामने आई थी। ग्रामीणों ने भी सफाई नहीं होने की शिकायतें मंत्री के सामने रखीं।