
7 करोड़ से ज्यादा की ड्रग्स जब्त फोटो। पत्रिका
राजसमंद। जिले में नशे के खिलाफ चल रही अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई ऑपरेशन त्रिनेत्र ने ड्रग्स माफिया की कमर तोड़नी शुरू कर दी है। यह केवल गिरफ्तारी अभियान नहीं, बल्कि नशे के पूरे इकोसिस्टम को जड़ से खत्म करने की रणनीति बन चुका है। उदयपुर रेंज के महानिरीक्षक पुलिस गौरव श्रीवास्तव के निर्देशन में 15 फरवरी से शुरू हुए इस विशेष अभियान ने राजसमंद में सक्रिय ड्रग्स माफिया की नींद उड़ा दी है।
सूत्रों के अनुसार पुलिस अब सिर्फ तस्करों तक सीमित नहीं है, बल्कि उन तमाम चेहरों को भी चिन्हित किया जा रहा है जो पर्दे के पीछे रहकर इस अवैध कारोबार को ताकत दे रहे थे। चाहे वाहन उपलब्ध कराने वाले हों, फर्जी नंबर प्लेट तैयार करने वाले, आर्थिक मददगार, हथियार सप्लायर या आश्रयदाता। पुलिस की जांच की जद में अब पूरा नेटवर्क है। राजसमंद पुलिस अधीक्षक हेमंत कलाल ने दावा किया है है कि माफिया के बारे में सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत राजसमंद में अब नशे के कारोबार को किसी भी कीमत पर पनपने नहीं दिया जाएगा।
अब तक एनडीपीएस एक्ट 1985 के तहत 29 प्रकरण दर्ज करते हुए 31 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। कार्रवाई में अफीम, अफीम के पौधे, डोडाचूरा, एमडी ड्रग्स, गांजा, चरस और स्मैक जैसे मादक पदार्थ बरामद हुए हैं। इसके साथ ही 12 अत्याधुनिक कारें, 4 मोटरसाइकिलें, 2 पिस्टल, 14 कारतूस और दो खाली मैगजीन जब्त कर पुलिस ने साफ संकेत दे दिया है कि यह नेटवर्क केवल नशे तक सीमित नहीं था, बल्कि अपराध की कई परतों से जुड़ा हुआ था।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार अब तक करीब 7 करोड़ 10 लाख 71 हजार 300 रुपए कीमत के अवैध मादक पदार्थ जब्त किए जा चुके हैं। अधिकारियों का मानना है कि यह कार्रवाई आने वाले दिनों में और बड़े खुलासों का कारण बन सकती है। सबसे अहम बात यह है कि पुलिस ने स्कूलों, कोचिंग सेंटरों, शिक्षण संस्थानों और लाइब्रेरी के आसपास नशे के फैलते जाल को गंभीरता से लेते हुए विशेष निगरानी शुरू की है। जिला पुलिस ने 8764854070 नंबर जारी कर आमजन, विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों से गोपनीय सूचना देने की अपील की है।
Updated on:
27 May 2026 12:18 pm
Published on:
27 May 2026 12:18 pm
