-यहां का पुलिस प्रशासन फरियादी की नहीं सुनता है, खासकर महिलाओं की
चारभुजा. थाना क्षेत्र के गांव भोजेला की रहने वाली एक महिला को सत्तर वर्ष की उम्र में अपनों से ही धक्के खाने को विवश होना पड़ रहा है। ऐसे में वह फरियाद लेकर थाने पहुंची तो वहां से सहायता दिए जाने की बजाए उल्टा उसे ही धमकाया गया।
यह मामला है भोजेला निवासी प्रताबी बाई (70) पत्नी धनसिंह राठौड़ का। महिला के अनुसार उसके पुत्र रूपसिंह राठौड व बहू प्रेमी राठौड़ एवं पति धनसिह व एक अन्य यशवन्त सिंह पुत्र उदयसिंह आए दिन उसके साथ बिना किसी कारण के मारपीट करते हंैं। इन्होंने उसे घर से भी बेदखल कर रखा है। ऐसे में वह घर के बाहर ही रहते हुए जैसे-तैसे गुजर-बसर करती है। वहीं खाना भी बनाती है तो सभी लोग उसे परेशान करते हैं और खाने में मिट्टी आदि डाल देते हैं। साथ ही ये लोग शराब के नशे में उसे धमकाते भी रहते हैं। साथ ही उसे झूठे मुकदमे दर्ज कर फंसाने का प्रयास भी कर रहे हैं। इसको लेकर महिला ने पुलिस में शिकायत करते हुए मामला भी दर्ज करवा रखा है, लेकिन पुलिस द्वारा भी मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई। बताया गया कि रिछेड़ चौकी में इस संबंध में 27 नवंबर 2017 को मामला दर्ज करवाया तो चौकी प्रभारी ने उसके खिलाफ ही गलत मामला दर्ज करते हुए उसे पूरे दिन थाने में बैठाकर परेशान किया गया था। बाद में मामले को लेकर उच्चाधिकारियों को शिकायत पर प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। लेकिन, बाद में सभी आरोपी मिलकर उसे फिर से परेशान करने लगे हैं। ऐसे में वह फिर पुलिस के पास गई तो उसे फिर धमकाया गया। इसको लेकर महिला ने कलक्टर के समक्ष पेश होकर शिकायत करते हुए न्याय दिलाने की मांग की है।
की जाएगी कार्रवाई
&पूर्व में मामले की जांच थानाधिकाारी महेश जोशी कर रहे थे, जो निलंबित हो गए। इसके बाद मैंने मौका देखा व महिला के बयान लिए हैं। अब आगे कार्रवाई की जाएगी।
चेताराम, उप सहायक निरीक्षक, थाना चारभुजा