राजसमंद

भरने के बजाए रिक्त किए पद, उपेक्षित हो रहा मुख्यालय

एसआरके कॉलेज से प्राचार्य सहित तीन वरिष्ठ व्याख्ताओं व आरके जिला अस्पताल से 4 चिकित्सकों का किया स्थानांतरण, एक भी नहीं लगाया
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भरने के बजाए रिक्त किए पद, उपेक्षित हो रहा मुख्यालय

अश्वनी प्रतापसिंह @ राजसमंद. राजसमंद जिला मुुख्यालय उपेक्षा का शिकार हो रहा है। स्थानांतरण के नाम पर यहां कर्मचारियों के रिक्त पदों को भरने की बजाए एक-एक कर खाली किया जा रहा है। इसका ताजा उदाहरण राजकीय जिला चिकित्सालय आरके अस्पताल तथा सेठरंगलाल कोठारी महाविद्यालय में हुए तबादलों में देखने को मिला। दोनों ही जगह से पद खाली तो किए गए लेकिन उनके स्थान पर कोई कार्मिक नहीं लगाया गया।


यह है स्थिति
सेठरंगलाल कोठारी महाविद्यालय में कुल १७ व्याख्याताओं के पद स्वीकृत हैं, इसमें पूर्व में ६
व्याख्याताओं, ४ कार्यालय सहायक, 2 लैब सहायक, ६ चपरासियों के पद रिक्त चल रहे थे। वहीं हालही में निकाली गई सूची में २ व्याख्याताओं के तबादले तथा एक को एपीओ कर देने तथा उनके स्थान पर किसी और की नियुक्ति नहीं किए जाने से अब यहां 9 व्याख्याताओं के पद रिक्त हो गए। आलम यह है कि परीक्षाएं करवाने वालों की कमी हो गई है।


बिना प्राचार्य का हुआ जिला
जिले में सात महाविद्यालय है। श्रीद्वारकाधीश राजकीय कन्या महाविद्यालय को छोड़कर सभी में कार्यवाहक लगे हैं। कन्या महाविद्यालय के प्राचार्य के पास भी एसआरके कॉलेज, देवगढ़ कॉलेज, कुंभलगढ़ कॉलेजों का अतिरिक्त दायित्व था, ऐसे में उन्हें एपीओ करने तथा उनके स्थान पर अभीतक किसी की नियुक्ति नहीं करने से अब सभी कॉलेज प्राचार्य विहीन हो गए हैं।


खाली किया चिकित्सालय
इधर गुरुवार को चिकित्सकों के हुए दबादले में राजसमंद से 8 चिकित्सकों का तबादला किया गया। इसमें राजकीय आरके जिला चिकित्सालय से डॉ. अशोक कुलदीप को बांसवाड़ा जिला अस्पताल, डॉ. राजेश मीणा को कोटा, वहीं डॉ. अनुराग शर्मा व उनकी पत्नी डॉ. अपराजिता को देवगढ़ सीएचसी लगाया गया। जबकि इन चिकित्सकों के रिक्त हुए स्थान पर किसी को नियुक्ति नहीं दी गई।


मरीजों की बढ़ी समस्या
राजकीय आरके चिकित्सालय में कुल 52 चिकित्सकों के पद सृजित हैं। इसके बावजूद यहां पूर्व में यहां 34 पदों पर ही चिकित्सक लगे थे, गुरुवार को जारी हुई लिस्ट के बाद अब अस्पताल में महज 30 चिकित्सक ही शेष बचे हैं। ऐसे में अस्पताल आने वाले मरीजों की समस्या और बढ़ेगी। क्योंकि जिला अस्पताल होने से पूर्व में ही यहां मरीजों का दबाव अधिक था।


अभीतक नहीं मिले आदेश...
व्याख्याताओं का स्थानांतरण किया गया है, लेकिन मुझे भी हटाया है, इसका तो कोई आदेश आयुक्तालय से नहीं आया है। आदेश आएगा तो उसकी पालना की जाएगी।
-डॉ. आरके पूर्बिया, प्राचार्य, राजकीय कन्या महाविद्यालय, राजसमंद

चलाएंगे काम...
तबादले के बाद के बाद सिर्फ एक दंत चिकित्सक को यहां लगाया है। अब जो बचे हैं, उनसे ही काम चलाएंगे।
-डॉ. नरेंद्र कुमार पालीवाल, पीएमओ, राजकीय चिकित्सालय, राजसमंद

Published on:
10 Mar 2019 12:05 pm