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105 बसंत देखचुकी कंकू आज भी माला बुनकर करती हैं दानपुण्य

उम्र को पछाड़ रहा कंकू बाई का जज्बा
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105 बसंत देखचुकी कंकू आज भी माला बुनकर करती हैं दानपुण्य

राजसमंद. अश्वनी प्रतापसिंह . शास्त्रों में मनुष्य के आयु सीमा १०० वर्ष बताई गई है, अपवाद स्वरूप कई लोग उम्र के इस पड़ाव को पार भी कर जाते हैं, लेकिन ऐसे लोग उन अपवादों में भी विरले ही मिलेंगे जो १०० वर्ष पार करने के बाद भी स्वस्थ्य हों और काम-काज करके परोपकार करते हों। ऐसी ही एक जज्बे से भरी महिला कंकू बाई पत्नी स्व. शंकरलाल कुमावत हैं। नाथद्वारा के फौज मोहल्ला निवासी कंकूबाई की उम्र १०५ वर्ष बताई जाती है। वह छोटी मोटी बीमारियों को छोडक़र पूरी तरह स्वस्थ्य हैं तथा सारा दिन मोतियों की माला पिरोकर दान-पुण्य के लिए धन अर्जित करती हैं।


गायों के लिए रिजका, बच्चों को बांटती हैं बिस्कुट
कंकूबाई नाथद्वारा में बिकने वाले शृंगार के माले में धागा बांधने का काम करती हैं। परिजनों की मदद से यहां के स्थानीय दुकानदारों से वह माले व धागे मंगवाती है तथा दिन में करीब १००-१५० मालों पर धागा बांध लेती हैं। इससे होने वाली आय से धर्म के काम करती है, गायों के लिए रोजाना रिजका (एक तरह की घास) तथा नन्हें बच्चों के लिए बिस्कुट मंगवाती है तथा अन्य दानपुण्य के काम में इस पैसे का उपयोग लेती हैं।


अब उग रहे काले बाल
कंकूबाई के सिर के सारे बाल एक बार सफेद हो चुके हैं, अब नए सिरे से उनके काले बाल उगने शुरू हुए हैं। उनकी कनपटी के पास तीन चार काले बाल साफ नजर आते हैंं, जो पिछले पांच-छह माह से दिखाई देने लगे हैं। कंकूबाई की बहू मन्नू बाई ने बताया कि वह अपना सारा काम अभी भी कर लेती हैं। अब एक आंख से कम दिखाई पडऩे लगा है तथा सुनने भी कुछ समस्या होती है। उन्होंने बताया कि एक साल पूर्व मसूड़ों में सूजन थी, ऐसा लग रहा था जैसे दो दांत निकल रहे हों हालांकि वह बाहर नहीं दिखाई दिए।


बेटे का नाम लेकर छलक उठती हैं आंखें
कंकू बाई के छह बच्चे हुए, इनमें से चार बच्चे बाली उम्र में ही काल के मुंह में समा गए। दो बड़े हुए, एक की मौत १८ वर्ष की उम्र में हो गई तथा एक बेटा उदयलाल ही ६० वर्ष तक जिंदा रहे। पांच वर्ष पूर्व उनका भी देहांत हो गया। अभी उदयलाल का परिवार है, जिसमें उनकी पत्नी मन्नू बाई, दो पौत्र और पड़पौत्र हैं। आज भी कंकू बाई उदयलाल को याद करके दिन में कई बार दामन भिगो लेती हैं। पत्रिका से बात करने के दौरान भी उनकी कईबार आंखें नम हो गईं। कंकूबाई के पति की मृत्यु को भी करीब ३० वर्ष हो चुके हैं।

Published on:
10 Jul 2018 04:27 pm