
राजसमंद. राजसमंद की लाइफ लाइन कही जाने वाली राजसमंद झील को भरने वाला खारी फीडर (Khari Feeder ) दुगना चौड़ा किया जाएगा। इससे झील में पानी की आवक दुगनी गति से होगी। हालांकि काम शुरू होने में अभी भी तीन माह का समय लगने की उम्मीद है। इस पूरे प्रोजेक्ट पर 137 करोड़ खर्च होंगे।
राजसमंद झील से शहरी क्षेत्र में जलापूर्ति की जाती है। लेकिन पिछले दो साल से अच्छी बारिश के अभाव में इस बार जलस्तर -2 डिग्री पहुंच गया था। नंदसमंद के ओवरफ्लो होने पर खारी फीडर (Khari Feeder ) के माध्यम से राजसमंद झील में पानी पहुंचता है। राज्य सरकार ने बजट में खारी फीडर को चौड़ा करने के लिए 80 करोड़ की घोषणा की है। इसके तहत सिंचाई विभाग ने डीपीआर तैयार करवाई गई। उक्त डीपीआर को मुख्यालय में सब्मिट किया गया है। मुख्यालय से इसकी जांच के बाद प्रशासनिक और तकनीकी स्वीकृति जारी की जाएगी। इसके बाद टेण्डर प्रक्रिया प्रारंभ होगी और फिर काम शुरू होगा। इसमें तीन माह का समय लगने की उम्मीद है। काम शुरू होने के बाद उक्त कार्य को पूरा करने में डेढ़ से दो साल का समय लगने की उम्मीद है। उल्लेखनीय है कि नंदसमंद (Nandsamand) के ओवरफ्लो होने पर 14 अगस्त 2022 को खारी फीडर (Khari Feeder ) खोला गया था। करीब 50 दिन तक लगातार पानी की आवक होने से झील का जलस्तर 12.60 फीट पहुंच गया था। वर्तमान में झील का जलस्तर करीब 6 फीट है।
इस प्रकार होगा काम
खारी फीडर (Khari Feeder ) के एक ओर सर्विस रोड बनी हुई है। ऐसे में उस जगह को छेड़ा नहीं जाएगा। इसके अलावा दूसरी ओर की तरफ से खुदाई कर उसे चौड़ा किया जाएगा। क्रास डैनेज सिस्टम को भी दुरुस्त किए जाएंगे। ऐसे में जल्द ही बारिश का दौर शुरू हो जाएगा। ऐसे में इस दौरान जिस स्थान से फीडर को चौड़ा किया जाएगा उस स्थान की सफाई और खुदाई आदि का कार्य करवाया जाएगा। विभाग के जानकारों के अनुसार फीडर को चौड़ा किया जाएगा उसमें से 95 प्रतिशत जमीन सरकारी है।
फैक्ट फाइल
- 400 क्यूसेक पानी की वर्तमान में आवक
- 800 क्यूसेक पानी की होगी आवक
- 32.40 किमी खारी फीडर की लम्बाई
- 4.60 मीटर वर्तमान में फीडर की चौड़ाई
- 8.50 मीटर हो जाएगी फीडर की चौड़ाई
- 137 करोड़ खर्च होंगे पूरे प्रोजेक्ट पर खर्च
- 79.94 करोड़ पहले चरण में होंगे खर्च
- 57.08 करोड़ दूसरे चरण में होंगे खर्च
यहां होती है सिंचाई
- 45 राजसमंद के गांव में 10,144 हेक्टेयर में होती सिंचाई
- 07 नाथद्वारा के गाांव की 467 हेक्टेयर में होती है सिंचाई
- 700 एमसीएफटी पीएचईडी के लिए रखा जाता है रिजर्व
डीपीआर मुख्यालय में की सब्मिट
डीपीआर को जयपुर मुख्यालय सब्मिट कर दिया गया है। डीपीआर की प्रशासनिक और तकनीकि स्वीकृति जारी होने के बाद टेण्डर प्रक्रिया होगी शुरू। ऐसे में जुलाई के अंत तक काम शुरू होने की उम्मीद है।
- अरूण शर्मा, एक्सईएन, सिंचाई विभाग राजसमंद