राजसमंद

“केसरिया बालम आवोनी पधारों म्हारे देश…” कुंभलगढ़ महोत्सव का हुआ रंगारंग शुभारंभ

तीन दिवसीय महोत्सव में बिखरेंगे संस्कृति के नाना रंग
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kumnbhalgarh festivle opening ceremony
"केसरिया बालम आवोनी पधारों म्हारे देश..." कुंभलगढ़ महोत्सव का हुआ रंगारंग शुभारंभ

कुंभलगढ़. स्थापत्य एवं संगीत कला प्रेमी महाराणा कुंभा कीविरासत अजेय दुर्ग कुंभलगढ़ में ग्यारहवें कुंभलगढ़ महोत्सव का रंगारंग आगाज शनिवार को केसरिया बालम आवोनी पधारों म्हारे देश....लंगा पार्टी तलब खां की स्वर लहरियों के साथ हुआ।
तीन दिवसीय रंगारंग महोत्सव का शुभारंभ पर्यटन उपनिदेशक शिखा दीक्षित, विकास अधिकारी रमेशचन्द्र मीणा, कुंभलगढ़ हेरिटेज सोसायटी के सचिव कुबेरङ्क्षसह सोलंकी, होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष जमनाशंकर आमेटा, सहायक अभियंता शैतानङ्क्षसह राठौड़ एवं पर्यटन विभाग के जिला पर्यटन अधिकारी विवेक जोशी, जिनेन्द्र माली एवं सुजित जोशी ने महाराणा कुंभा के चित्र पर माल्यापर्ण एवं दीप प्रज्जवलित करके किया। इससे पूर्व अतिथियों ने गणेश मन्दिर में भी पूजा-अर्चना की। संचालन उदयपुर से आई एंकर नम्रता चौधरी एवं पीयूष ने किया।
यह दी प्रस्तुतियां
उद्घाटन सत्र में पुष्कर से आए कैलाश एवं पार्टी ने सर्वप्रथम नगाड़ा वादन की प्रस्तुति देकर उद्घाटन किया। इसके बाद बाड़मेर की लाल आंगी गैर, सफेद आंगी गैर, बारां से आए कलाकारों ने सेहरिया नृत्य एवं जयपुर से आई कच्छी घोड़ी नृत्यों ने पर्यटकोंं का खूब मनोरंज किया। कुंभलगढ़ महोत्सव के तीन दिवसीय कार्यक्रम में राजस्थान के विभिन्न अंचलों से आए राजस्थान के लोक कलाकारों ने पर्यटकों का खूब मनोरंज किया। इसमें दौसा के बहरुपिए शमशाद ने शिवजी एवं बादशाह का रूप बनाकर दर्शकों का खूब मनोरंजन किया। वहीं, बाड़मेर के लंगा कलाकार तलब खान एवं पार्टी ने केसरिया बालम आवोनी पधारो म्हारे देश एवं गोरबंद नखरालो की जोरदार प्रस्तुतियां दी। बाड़मेर के ही कालबेलिया कलाकारों ने काल्यो कूद पड्यों रे मेला में...की प्रस्तुति से सबका ध्यान आकर्षित किया।
हुई प्रतियोगिताएं
महोत्सव के तहत साफा बांधो प्रतियोगिता, रस्साकसी, कुर्सी रेस, मेंहदी मांडणा सहित उदयपुर लोक कला मंडल की ओर से कठपुतली का खेल भी बच्चों के आकर्षण का केन्द्र रहा।
चहुंमुखी विकास के द्वार खुले
शुभारंभ के अवसर पर उपनिदेशक दीक्षित ने सम्बोधित करते हुए कहा कि कुंभलगढ़ दुर्ग एक एतिहासिक अभेद्य दुर्ग है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार ने दुर्ग को विश्व विरासत में शामिल कर इसके चहुंमुखी विकास के द्वार खोल दिए हैं।
सडक़ों व नेटवर्क का बुरा हाल
पर्यटन उपनिदेशक दीक्षित ने कहा कि कुंभलगढ़ तो विश्व विरासत बन गया, लेकिन यहां तक पहुंचने के लिए सडक़ों एवं नेटवर्क का बहुत बुरा हाल है। यह यहां के पर्यटन विकास में कोढ़ में खाज का काम कर रहा है।

चहुंमुखी विकास के द्वार खुले
शुभारंभ के अवसर पर उपनिदेशक दीक्षित ने सम्बोधित करते हुए कहा कि कुंभलगढ़ दुर्ग एक एतिहासिक अभेद्य दुर्ग है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार ने दुर्ग को विश्व विरासत में शामिल कर इसके चहुंमुखी विकास के द्वार खोल दिए हैं।
सडक़ों व नेटवर्क का बुरा हाल
पर्यटन उपनिदेशक दीक्षित ने कहा कि कुंभलगढ़ तो विश्व विरासत बन गया, लेकिन यहां तक पहुंचने के लिए सडक़ों एवं नेटवर्क का बहुत बुरा हाल है। यह यहां के पर्यटन विकास में कोढ़ में खाज का काम कर रहा है।

Published on:
01 Dec 2018 07:26 pm