राजसमंद

पहले होगी बकाया राशि की वसूली, फिर होगी ऋण माफी!

-सहकारी समितियां धड़ाधड़ वसूल रही कर्जे की बकाया राशिदूसरी ओर सरकार का किसानों के ऋण माफ करने का दावा-भीम क्षेत्र के किसानों में सरकार की वादा खिलाफी पर बढ़ रहा रोष
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Loan forgiveness will be done after recovery
पहले होगी बकाया राशि की वसूली, फिर होगी ऋण माफी!

प्रमोद भटनागर
भीम. राज्य सरकार द्वारा किसानों की ऋण माफी की घोषणा के बावजूद ग्राम सेवा सहकारी समितियां किसानों से जबरन ऋण राशि की वसूली कर रही है।
उपखण्ड क्षेत्र में ऋण माफी के आदेश प्राप्त नहीं होने की बात कहकर ग्राम सेवा सहकारी समितियों के व्यवस्थापक काश्तकारों को नया फसली ऋण दे रहे हैं तथा पुराने बाकियात ऋण को उसमें जोड़ रहे हैं। किसानों का कहना है कि इससे दुविधा बढ़ेगी। आगामी समय में सरकार द्वारा ऋण माफी के आदेश जारी करने पर काश्तकारों में ऋण माफ नहीं हो पाने का डर भी बना हुआ है। काश्तकारों का कहना है कि समितियों की मनमानी से विचित्र स्थिति उत्पन्न हो रही है। वर्तमान सरकार से समितियों को ऋण माफी के आदेश मिलने पर व्यवस्थापक कहेंगे कि तुम्हारा तो नया ऋण है, जो माफी के दायरे में नहीं आता। वहीं, जिन किसानों से जबरन समितियों ने दबाव बनाकर ऋण राशि का भुगतान जमा कर लिया है, उनकी ऋण माफी कैसे होगी, यह भी समझ से बाहर है। ऐसे में ऋण माफी होने पर काश्तकारों से चुकता राशि को समितियों द्वारा किस प्रकार समायोजित किया जाएगा या काश्तकार को जमा की गई राशि पुन: लौटाई जाएगी। ऐसे किसानों को ऋण माफी का लाभ नहीं मिलने की आशंका को लेकर भी किसान असमंजस की स्थिति में हैं।
बताया गया कि समितियों के व्यवस्थापकों ने राज्य सरकार की मंशानुरूप काश्तकारों के बाकियात ऋण जमा नहीं किए तथा पूर्ववर्ती सरकार से पचास हजार रुपये ऋण माफी के आदेश होने के बावजूद समितियों ने मनमर्जी माफिक आधा-अधूरा ऋण माफ करके खानापूर्ति कर दी। इस प्रकार अधिकांश किसानों का पचास हजार रुपये का ऋण भी माफ नहीं किया गया है। वर्तमान में सहकारी समितियां काश्तकारों को नया फसली ऋण दे रही है, जिसमें पुरानी बाकी राशि ऋण माफी के बाद शेष रही राशि को जोड़कर ऋण दिया जा रहा है। इससे आगामी समय में वर्तमान सरकार द्वारा किसानों का ऋण माफ होने पर असमंजस की स्थिति बनेगी। इसको लेकर किसानों को आशंका है कि उस समय समितियों यह कहकर किसानों को टरकाएगी कि तुम्हारा तो नया ऋण है। ऐसे में ऋण माफी एक तरह से छलावा साबित हो रही है।
केस 1.
मियाला पंचायत के खेड़ा ग्रामवासी प्रगतिशील किसान चतरसिंह रावत ने बताया कि उसने सांगावास ग्राम सेवा सहकारी समिति से सत्तर हजार रुपए ऋण ले रखा है। पूर्ववर्ती सरकार द्वारा फसली ऋण माफी अनुसार 6 जुलाई 2018 को 32051.28 उसके खाते में जमा कर प्रमाण पत्र दिया एवं शेष ऋण राशि 38 हजार समिति का बकाया रहा। वर्तमान सरकार द्वारा किसानों के राष्ट्रीयकृत बैंकों व सहकारी समितियों में 2 लाख रुपये तक के ऋण माफ कर दिये हैं। लेकिन, समिति के व्यवस्थापक द्वारा ऋण माफी के आदेश एवं कोई भी सूचना प्राप्त नहीं होने की जानकारी देते हुए बाकियात ऋण राशि 38 हजार का भुगतान जमा करने पर ही फसली ऋण दिये जाने की बात कही गई है।
केस 2.
पातों की आती निवासी कृषक रामसिंह ने बताया कि उसने एक लाख का फसली ऋण ले रखा था। इसमें से बीस हजार रुपए माफ हुए। बाकी के अस्सी हजार जमा करवाने पर ही एक लाख रुपए का ऋण दिया गया। समिति से उसे बताया गया कि कम जमीन वालों का पूरा ऋण माफ हुआ और अधिक जमीन वालों के 50 हजार से कम राशि की ऋण माफी ही की गई।
आदेश आते ही समितियों को भिजवाएंगे
किसानों की ऋण माफी के आदेश प्राप्त होते ही समितियों को भिजवा दिए जाएंगे। मामले की जांच करा कार्यवाही भी की जायेगी।
सुरेश कुमार चावला, उपखण्ड अधिकारी, भीम

Published on:
03 Feb 2019 12:54 pm