जिले में पंचायत प्रशासन को मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए 74 नई ग्राम पंचायतों का पुनर्गठन कर दिया गया है।
राजसमंद. जिले में पंचायत प्रशासन को मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए 74 नई ग्राम पंचायतों का पुनर्गठन कर दिया गया है। राज्य सरकार द्वारा अनुमोदन मिलने के बाद इन नई पंचायतों को आधिकारिक रूप से लागू कर दिया गया है। इसके साथ ही जिले में ग्राम पंचायतों की कुल संख्या 213 से बढ़कर अब 287 हो गई है। जिला प्रशासन द्वारा भेजे गए प्रस्तावों और प्राप्त आपत्तियों के निस्तारण के बाद सरकार ने निम्नानुसार नई पंचायतों को मंजूरी दी। नई पंचायतों के गठन के साथ इन पंचायतों में गांवों का समावेश भी कर दिया गया है, ताकि ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर बेहतर प्रशासन, योजनाओं का लाभ और सुविधाओं तक सुगम पहुंच मिल सके। जानकारी के अनुसार जिले की वर्तमान 213 ग्राम पंचायतों में से भीम ब्लॉक की सात पंचायतें ब्यावर में चली गई हैं, लेकिन इनका सारा प्रशासनिक कार्य अब भी राजसमंद जिले से ही संचालित हो रहा है। नई पंचायतों के गठन के बाद कुल संख्या बढ़कर अब 287 हो गई है।
रेलमगरा की ग्राम पंचायत पिपली अहीरान को वहां से हटाकर राजसमंद में जोड़ दिया गया है। राजसमंद की ग्राम पंचायत ‘काना देव का गुड़ा’ का नाम बदलकर ‘काडा का तालाब’ कर दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार इन बदलावों से पंचायतों की कुल संख्या पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
नई ग्राम पंचायत बनने के बाद क्षेत्र के राजनीतिक समीकरणों में भी उठापटक हो गई है। आने वाले पंचायत चुनावों में अब जनप्रतिनिधियों को नए सिरे से कवायद करनी पड़ेगी। इसके साथ ही समीकरणों को साधने के लिए नई रणनीति बनानी पड़ेगी।नई ग्राम पंचायत बनने के बाद क्षेत्र के राजनीतिक समीकरणों में भी उठापटक हो गई है। आने वाले पंचायत चुनावों में अब जनप्रतिनिधियों को नए सिरे से कवायद करनी पड़ेगी। इसके साथ ही समीकरणों को साधने के लिए नई रणनीति बनानी पड़ेगी।