
जितेन्द्र पालीवाल @ राजसमंद. नगर परिषद में प्रतिपक्षी कांगे्रस पार्षदों का विरोध ठण्डा पडऩे पर नए आयुक्त जनार्दन शर्मा ने दस दिन बाद बुधवार सुबह करीब 11.15 बजे प्रभार सम्भाल लिया। इस बीच पार्षदों के पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफे पर अभी तक कोई निर्णय नहीं हुआ है। राजसमंद में पूर्व में आयुक्त रह चुके शर्मा का दस दिन पूर्व राजसमंद तबादला हुआ था। उनके आने की सूचना पर प्रतिपक्ष नेता प्रतिपक्ष नेता अशोक टांक के नेतृत्व में पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष व वर्तमान पार्षद नारायणलाल सुथार, बृजेश पालीवाल, हेमंत गुर्जर, भुरालाल कुमावत, रोहित पंचोली, नंदकिशोर कुमावत, सुनीता रजक, राजकुमारी पालीवाल सहित अन्य पार्षदों ने एक रेस्टोरेंट में बैठक कर सामूहिक इस्तीफे पार्टी प्रदेशाध्यक्ष व जिलाध्यक्ष को भेज दिए थे। पार्षदों ने उनके पिछले कार्यकाल पर असंतोष जताते हुए कई गभ्भीर आरोप लगाए थे। उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों पर भी कांग्रेस पार्षदों की अनदेखी के आरोप लगाते हुए कहा था कि उनकी सरकार होते हुए भी उन्हें पूछा तक नहीं जा रहा और मनमर्जी से अधिकारी थोपे जा रहे हैं। पार्षदों ने एक वरिष्ठ पदाधिकारी, पूर्व जिला प्रमुख और कुछ अन्य नेताओं पर 'गलत अधिकारी' की सिफारिश करने का आरोप लगाया था और कहा था कि पहले भी नगर परिषद चुनाव में पार्टी को राजसमंद में नुकसान भुगतना पड़ा।
जा सकते हैं लम्बी छुट्टी पर
सूत्रों ने बताया कि ज्वॉनिंग की मियाद बीतने से पहले शर्मा ने औपचारिक तौर पर पदभार सम्भाल लिया है। विवादों में घिर चुके तबादला मामले से परेशान आयुक्त शर्मा लम्बी छुट्टी पर जा सकते हैं। हालांकि पिछले कुछ दिनों से पार्षदों में भी खामोशी छाई है, मगर आशंका है कि प्रतिपक्ष के पार्षद गुपचुप तरीके से फिर से विरोध की योजना बना रहे हैं। इससे पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी हरकत में आ सकते हैं।