राजसमंद

प्रदेश में अब इस अभियान से गिरते भू-जल स्तर को रोकने का प्रयास…पढ़े पूरी खबर

राजस्थान में गिरता भू-जल स्तर सभी के लिए चिंता का विषय है। ऐसे में अब राजस्थान सरकार कर्मभूमि से मातृभूमि अभियान के तहत प्रवासियों एवं भामाशाहों के सहयोग से रिचार्ज शॉफ्ट का निर्माण करवाएगी। इसके लिए स्थानों का चयन किया जा रहा है।

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राजसमन्द. प्रदेश में गिरते भू-जल स्तर को अब कर्मभूमि से मातृभूमि अभियान के जरिए रोका जाएगा। इसके लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत में 4 पानी रिचार्ज शॉफ्ट का निर्माण करवाया जाएगा। यह निर्माण भामाशाह, प्रवासियों और सीएसआर फंड के सहयोग से करवाया जाएगा। इसके तहत जिले में अभी तक 622 से अधिक स्थान चिन्हित किए जा चुके हैं। प्रदेश में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर.पाटिल की उपस्थिति में जयपुर में 15 जनवरी 2025 को कर्मभूमि से मातृभूमि अभियान का शुभारंभ किया था। इसके तहत प्रदेश में सभी ग्राम पंचायतों में चार रिचार्ज शॉफ्ट का निर्माण करवाया जाएगा। इसके लिए भामाशाह, प्रवासियों और सीएसआर मद से सहयोग लिया जाएगा। प्रत्येक रिचार्ज शॉफ्ट पर 50 हजार से 1.50 लाख रुपए खर्च होंगे। अभियान के तहत विभिन्न माध्यमों से वर्षाजल को भूमि में उतारा जाएगा। ऐसे में व्यर्थ बहने वाला पानी जमीन के भीतर जाएगा। इससे भूमिगत जलस्तर बढ़ेगा। प्रतिवर्ष भूमिगत जलस्तर नीचे जाने के कारण स्थिति विकट होती जा रही है। ऐसे में पानी को सहेजने के लिए यह कवायद की जा रही है। उल्लेखनीय है कि प्रदेश का 72 फीसदी हिस्सा अतिदोहित श्रेणी में है। यही स्थिति राजसमंद जिले की भी है। यहां भी अधिकांश ब्लॉक अतिदोहित श्रेणी में है।

जिले में 852 स्थान करने है चिन्हित

अटल भू-जल योजना के तहत उक्त कार्य करवाए जाने हैं। इसके तहत जिले में 213 ग्राम पंचायत है। ऐसे में 852 स्थानों को चिन्हित किया जाना है। लेकिन अभी तक भू-जल सर्वेक्षण विभाग ने 622 स्थान चिन्हित किए हैं। शेष स्थान 31 मार्च तक चिन्हित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। विभाग की ओर से भामाशाहों, प्रवासियों और कॉपरेट सामाजिक जिम्मेदारी निधि (सीएसआर) से बातचीत कर उन्हें प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसमें भामाशाह अपनी इच्छा के अनुसार 1.50 लाख तक रिचार्ज शॉफ्ट आदि का निर्माण करवा सकता है।

यह है उद्देश्य

  • जल संरक्षण और जल संचय के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाना।
  • जलवायु परिवर्तन के कारण जल संकट की गंभीरता को कम करना
  • जल ोतों की स्थिरता और पुर्ननिर्माण के लिए सामूहिक प्रयासों को बढ़ावा देना
  • वर्षा जल संचय को बढ़ावा देना और जल संकट से निपटने के उपाय लागू करना
  • जन सहभागिता को सुनिश्चित करना और स्थानीय लोगों को सक्रिय रूप से शामिल करना
  • अकार्यशील हैंडपंप, सूखे कुएं और नलकूप के माध्यम से भूजल पुर्नभरण को बढ़ावा देना

यह होगा लाभ

  • गिरते भू-जल को रोकना, वर्षाजल का संग्रहण और पुनर्भरण एवं संरक्षण करना
  • मृदा अपरदन को कम करना, बाढ़ और सूखे के प्रभाव को कम करना
  • भविष्य के लिए भू-जल की उपलब्धता सुनिश्चित करना और प्रत्येक बूंद का सद्उपयोग करना।

स्थान चिन्हित करने का कार्य जारी, फिर करेंगे प्रेरित

जिले में कर्मभूमि से मातृभूमि अभियान के तहत स्थान चिन्हित किए जा रहे हैं। 31 मार्च तक सभी 852 स्थान चिन्हित करने के बाद भामाशाह और प्रवासियों से चर्चा कर निर्माण के लिए प्रेरित किया जाएगा।

  • संदीप जैन, नोडल अधिकारी अटल भू-जल योजना राजसमंद
Published on:
25 Mar 2025 11:05 am
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