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31 में से 18 चिकित्सकों के पद रिक्त, संसाधन के बावजूद इलाज अधर में

भीम. राजसमंद जिला मुख्यालय से लगभग 100 किलोमीटर तथा मेडिकल कॉलेज उदयपुर से 180 किलोमीटर दूर, चार जिलों के संगम स्थल और हाईवे दुर्घटनाओं के दृष्टिकोण से संवेदनशील भीम उपखण्ड मुख्यालय को पूर्व गहलोत सरकार द्वारा उपजिला चिकित्सालय में क्रमोन्नत किया गया था। इसके तहत नवीन भवन एवं आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए करोड़ों रुपये का […]

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Bheem Hospital News

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भीम. राजसमंद जिला मुख्यालय से लगभग 100 किलोमीटर तथा मेडिकल कॉलेज उदयपुर से 180 किलोमीटर दूर, चार जिलों के संगम स्थल और हाईवे दुर्घटनाओं के दृष्टिकोण से संवेदनशील भीम उपखण्ड मुख्यालय को पूर्व गहलोत सरकार द्वारा उपजिला चिकित्सालय में क्रमोन्नत किया गया था। इसके तहत नवीन भवन एवं आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए करोड़ों रुपये का बजट स्वीकृत किया गया। शहर से करीब तीन किलोमीटर दूर नन्दावट क्षेत्र में उपजिला चिकित्सालय (एसडीएच) एवं मातृ एवं शिशु गहन चिकित्सालय (एमसीएच) इकाई का नवीन भवन अब निर्माण के अंतिम चरण में है। आमजन को इस परियोजना से बेहतर चिकित्सा सेवाओं की उम्मीद जगी है, लेकिन हकीकत इससे उलट नजर आ रही है।

भवन है, लेकिन डॉक्टर नहीं, तो कैसे हो इलाज

चिकित्सा क्षेत्र में मजबूत इन्फ्रास्ट्रक्चर आवश्यक है, लेकिन यदि विशेषज्ञ चिकित्सक ही उपलब्ध नहीं हों, तो भवन की उपयोगिता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। भीम उपजिला चिकित्सालय में लंबे समय से विशेषज्ञ चिकित्सकों के कई पद रिक्त पड़े हैं, जिससे चिकित्सा सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।

नए अस्पताल में डॉक्टर क्वार्टर नहीं, इमरजेंसी में बढ़ेगी परेशानी

गंभीर चिंता का विषय यह है कि करोड़ों की लागत से बन रहे एसडीएच एवं एमसीएच के नए भवन परिसर में चिकित्सकों के लिए आवासीय क्वार्टर का निर्माण ही नहीं किया गया। ऐसे में डॉक्टरों को भीम शहर में रहकर लगभग तीन किलोमीटर दूर नन्दावट स्थित अस्पताल तक आना-जाना करना पड़ेगा। इमरजेंसी या ऑन-कॉल ड्यूटी की स्थिति में यह दूरी मरीजों के लिए परेशानी का कारण बन सकती है। विभागीय उदासीनता के चलते न तो राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन और न ही सार्वजनिक निर्माण विभाग ने इस आवश्यक पहलू पर ध्यान दिया।

प्रमुख चिकित्सा अधिकारी की चेतावनी

उप जिला चिकित्सालय के प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुरेश मीणा ने बताया कि नए भवन में डॉक्टर क्वार्टर नहीं होने से चिकित्सकों को अस्पताल पहुंचने में समय लगेगा, जिससे इमरजेंसी सेवाएं और ऑन-कॉल डॉक्टर की उपलब्धता प्रभावित होगी। उन्होंने कहा कि नए चिकित्सालय परिसर में डॉक्टरों के आवास की व्यवस्था प्राथमिक आवश्यकता है।

पदों पर एक नजर

चिकित्सा विभाग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार भीम उपजिला चिकित्सालय में 16 विशेषज्ञ चिकित्सकों, 2 वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारियों एवं 15 चिकित्सा अधिकारियों के पद स्वीकृत हैं। इनमें से 12 विशेषज्ञों सहित कुल 7 चिकित्सकों के पद वर्तमान में रिक्त हैं। इसके अतिरिक्त 1 दंत तकनीशियन, 1 कनिष्ठ लेखाकार, 2 लैब तकनीशियन, 1 वरिष्ठ सहायक, 1 नेत्र सहायक, 5 स्वीपर और 7 वार्डबॉय सहित कुल 49 पद रिक्त चल रहे हैं, जिससे अस्पताल की कार्यक्षमता पर गंभीर असर पड़ रहा है।

उम्मीदों पर खरा उतरना अब भी चुनौती

नवीन भवन और आधुनिक सुविधाओं के बावजूद चिकित्सकों की कमी और आवासीय व्यवस्था के अभाव में भीम उपजिला चिकित्सालय की बहुप्रतीक्षित स्वास्थ्य सेवाएं आमजन की उम्मीदों पर खरी उतर पाएंगी या नहीं, यह बड़ा सवाल बना हुआ है।

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