राजसमंद

बछड़ी को बचाने पहुंचे तीन ग्रामीणों को पैंथर ने किया जख्मी

एक की हालत गम्भीर, दो को हाथ और जांघ में घाव
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Panther injured three villagers who came to save the fox
बछड़ी को बचाने पहुंचे तीन ग्रामीणों को पैंथर ने किया जख्मी

प्रमोद भटनागर

आमेट. आमेट क्षेत्र गुगली गांव में बुधवार- गुरुवार की दरमियानी रात्रि बछड़ी को बचाने पहुंचे तीन ग्रामीणों को पैंथर ने घायल कर दिया। एक की हालत गम्भीर होने पर उसे राजसमंद के एक निजी अस्पताल में भर्ती किया गया है। मध्य रात्रि गुगली गांव के लक्ष्मणलाल प्रजापत के मकान की दीवार फांदकर पैंथर ने मकान में बंधी बछड़ी पर हमला कर दिया। बछड़ी के राभने पर लक्ष्मणलाल ने छत पर चढ़कर हो-हल्ला किया। जिससे गांव के हरिसिंह, लक्ष्मीलाल, रमेश, शौभाग्य सिंह, जगदीश, सुरेश, पारस कुमार, भगवती सिंह आदि ग्रामीण लक्ष्मण लाल के मकान के बाहर हाथों में ल_ लेकर पहुंचे तथा बछड़ी को पैंथर के चगुंल से छुड़ाने का प्रयास करने लगे। लोगों के हो हल्ला करने से पैंथर ने बछड़ी को छोड़कर लोगों पर हमला कर दिया। करीब पंद्रह फीट की दूरी पर खड़े हरिसिंह पर जम्प लगाकर उसे नीचे गिरा दिया। हरिसिंह को बचाने के लिए ग्रामीणों ने ल_ से पैंथर पर वार किया, परन्तु पैंथर ने हरीसिंह को बुरी तरह से जख्मी कर पारस व जगदीश प्रजापत के हाथों व जांघ पर भी काट लिया। करीब एक घंटे तक चले संघर्ष के बाद पैंथर मौका पाकर जंगल की ओर भाग गया। ग्रामीणों पर हुए हमले के बाद गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है। सभी घायलों को ग्रामीणों की मदद से रात्रि में ही आमेट के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर लाया गया। जहां पर गम्भीर रूप से घायल हरिसिंह को राजसमन्द रैफर कर दिया गया, यहां एक निजी चिकित्सालय में उनका उपचार चल रहा है। पैंथर ने हरिसिंह के दोनों हाथों व पैर पर गहरे जख्म दिए हैं। ग्रामीणों की सूचना पर गुरुवार को वन विभाग की टीम ने मौका मुआयना किया। रेंजर देवीलाल व बाबूलाल, वनगार्ड अशोक कुमार, हुकुम चन्द, लक्ष्मीलाल, पिंजरा लगाने के लिए गुगली गांव पहुंचे एवं पैंथर के पग मार्क के आधार पर पिंजरा लगाया।

Updated on:
25 Jan 2019 12:16 pm
Published on:
25 Jan 2019 12:16 pm