
राजसमंद. जिम्मेदारों की लापरवाही से शहर धुआं-धुआं हो रहा है। अल सुबह सफाई कर्मी कचरे को आबादी क्षेत्रों में डालकर जला देते हैं। धुएं का गुबार घरों तक घुसकर, दम घोंटू वातावरण पैदा करता है। सबसे ज्यादा परेशानी दमा के मरीजों को होती है। इस तरह कचरा जलाने का नजारा हर सुबह कांकरोली चौपाटी से लेकर बस स्टैंड, स्वास्तिक सिनेमा क्षेत्र, राजनगर आदि में देखने को मिलता है। सुबह मॉर्निंगवॉक पर निकलने वाले भी इससे काफी परेशान होते हैं। रविवार को भी कांकरोली चौपाटी पर ऐसा ही एक दृश्य देखने को मिला। सफाई कर्मियों ने कचरे को मौके पर ही जलाकर निस्तारित कर दिया। इससे करीब एक घंटे तक कांकरोली चौपाटी पर धुएं की धुंध छाई रही।
जिम्मेदार नहीं देते ध्यान
नियमानुसार कचरे को ऐसे नहीं जलाया जा सकता है। क्योंकि इससे निकले कार्बनडाई ऑक्साइड वातावरण को दूषित करती है। कईबार कचरे के साथ ऐसी दूषित बस्तुएं भी जल जाती है, जिनका धुआं लोगों को गंभीर बीमारियों की चपेट में ले लेता है। गंभीर मामला होने के बावजूद भी जिम्मेदार इस ओर ध्यान नहीं दे रहे, जिससे सफाईकर्मी मनमर्जी से नियमों को ताक पर रखकर कचरे का मौके पर ही निस्तारण कर देते हैं।
आग लगने व मवेशियों के चलने का खतरा
नगर परिषद द्वारा कचरा संग्रहण के लिए रखे गए कचरा पात्र में ही इन्हें जलाया जा रहा है। यह लोहे की धातु के बने होने से कचरा जलने के बाद भी काफी देरतक गर्म रहते हैं। मवेशी जैसे ही इनके सम्पर्क में आते हैं वह झुलस जाते हैं। कईबार हवा के झोंके के साथ आग के चिंगारियां उड़कर इधर-उधर जाने से आग लगने का भी खतरा रहता है।
स्कूल परिसर में जला रहे कचरा
शहर के मध्य स्थित बालकृष्ण विद्याभवन में भी सफाई कर्मियों द्वारा कचरा अंदर जलाने की स्थानीय लोग शिकायत करते हैं। बताया जाता है कि यहां भी सुबह साफ-सफाई के बाद कचरा आग के हवाले कर दिया जाता है।
रास्ते में फेंक रहे मृत मवेशी
शहर का कचरा निस्तारण केंद्र गाडरियावास में बना है। यहीं मृत मवेशियों को भी डाला जाता है। लेकिन जिम्मेदारों की अनदेखी से मृत मवेशियों को निस्तारण केंद्र के पास नहीं फेंककर रोड़ किनारे ही डाला जा रहा है, जिससे राहगीरों को खासी समस्याएं हो रही हैं। यहां तक की कई लोगों ने तो इस समस्या के चलते मार्ग से आवागमन तक बंद कर दिया है।
पाबंद करेंगे...
मुझे भी जानकारी मिली है, कचरे का इस तरह से निस्तारण करना गलत है। मैं सफाई कर्मियों को पाबंद करवाता हूं।
-जनार्दन शर्मा, आयुक्त, नगर परिषद, राजसमंद