राजसमंद

पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुए इस बेटे की कुर्बानी पर गर्व कर रहा मेवाड़

जम्मू-कश्मीर के पुलमावां आतंकी हमले में राजसमंद के बिनोल गांव के नारायणलाल गुर्जर हुए शहीद, शाम तक पहुंचेगा शव, पूरे गांव में गूंजे पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे
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Narayan Lal

जितेन्द्र पालीवाल @ राजसमंद. जम्मू-कश्मीर के पुलमावां में हुए आतंकी हमले में मेवाड़ की धरती का एक बेटा भी शहीद हुआ है। उसकी शहादत पर पूरा गांव गम और गुस्से में तो है ही, इस बलिदान पर गांव वालों की छाती भी गर्व से फूली हुई है। शुक्रवार की सुबह मेवाड़ की फिजाओं में आक्रोश है, बदले का इरादा और नारायणलाल की शख्सियत के किस्से भी तैर रहे हैं। गांव का बच्चा-बूढ़ा लहू में रंगे अपने बेटे को आखिरी बार देखने को बेताब है। लोग उनकी अगवानी को एक शहादत का जश्न का रूप देने की तैयारी में जुट गए हैं। फूलों की बारिश की जाएगी, बैण्ड-बाजों पर देशभक्ति धुनें रगों में जोश भरेगी। कुछ ऐसा ही माहौल इस वक्त है राजसमंद जिले के बिनोल गांव में, जहां के नारायणलाल गुर्जर (38) पुलमावां आतंकी हमले में शहीद हो गए। ज्योंही कल बीती शाम को इस वारदात की सूचना गांव तक पहुंची, घर-परिवार के लोगों और ग्रामीणों में अजीब सी दहशत फैल गई। लापता जवानों की सूची में नारायणलाल का नाम आते ही उनके दिलों की धड़कनें और बढ़ गईं। देर रात तक आधिकारिक तौर पर परिवार को कोई सूचना नहीं मिली। रातभर घर के लोग, रिश्तेदार सो नहीं सके। सुबह बुरी खबर लेकर आई। केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) से फोन आया कि हैड कांस्टेबल नारायण देश के लिए शहादत की बलिवेदी चढ़ चुके हैं। किसी को यकीन नहीं हुआ कि उनके गांव का लाडला अब नहीं है। नारायण के घर के बाहर मजमा लग गया। इनमें खासकर युवा बड़ी तादाद में थे, जो उन्हें अपना आदर्श मानते थे। देशसेवा में जाने की उनकी प्रेरणा को याद करके आंखें भर आईं।

तीन दिन पहले ही ज्वॉइन की ड्यूटी
परिजनों ने बताया कि नारायणलाल छुट्टियां मनाने गांव आए थे। गत 11 तारीख को वह रवाना हुए और 12 फरवरी को ड्यूटी ज्वॉइन की। आखिरी बार एक मित्र विनोद पालीवाल की शादी के भोज में दोस्तों के साथ शरीक हुए। गांव के बच्चों और युवाओं के नारायणलाल काफी चहेते थे। वह जब भी आते थे, मित्रों को फोन करके बुलाते थे और घंटों तक देशसेवा के लिए चर्चा करते थे।


ये अधिकारी पहुंचे
बिनोल में राजसमंद पुलिस उप अधीक्षक दुर्ग सिंह, तहसीलदार पहुंचे और परिजनों को सांत्वना दी। उन्होंने कहा कि प्रशासन और सरकार की ओर से अंतिम संस्कार के तमाम बंदोबस्त किए जा रहे हैं। नारायणलाल के मित्र, शिक्षकों और बड़ी तादाद में परिचितों का आगमन जारी है। शाम तक पार्थिव देह यहां पहुंचने की सम्भावना है। अंतिम यात्रा की ग्रामीणों की ओर से भी तैयारियां की जा रही हैं। उदयपुर के डबोक स्थित एयरपोर्ट से पार्थिव देह लाते समय रास्ते में भी जगह-जगह पुष्पवर्षा कर श्रद्धांजलि दी जाएगी।


यह है परिवार
नारायण के परिवार में माता-पिता का देहांत हो चुका है। पत्नी मोहनी देवी (36), पुत्री हेमलता (17) और पुत्र मुकेश (11) हैं। एक भाई गोवद्र्धनलाल, काका रामलाल गुर्जर के अलावा अन्य रिश्तेदार हैं।

कल होगा अंतिम संस्कार
सीआरपीएफ जवान की शहादत पर उन्हें नमन करते हैं। मेरी जम्मू-कश्मीर बात हुई है। सम्भवतया शाम तक पार्थिक देह पहुंचेगी। कल राजकीय सम्मान से अंतिम संस्कार किया जाएगा।
अरविन्द पोसवाल, जिला कलक्टर, राजसमंद

Updated on:
15 Feb 2019 02:02 pm
Published on:
15 Feb 2019 01:14 pm