जिन पेंशनर्स ने जीवन प्रमाण पत्र नहीं दिया है, उन्हें फरवरी माह की पेंशन तो मिल जाएगी, लेकिन मार्च माह में मिलने वाली पेंशन रोक दी जाएगी।
राजसमंद। प्रदेश में जीवन प्रमाण पत्र जमा नहीं कराने वाले पेंशनर्स की पेंशन पर संकट गहराता नजर आ रहा है। निर्धारित समय सीमा तक जीवन प्रमाण पत्र प्रस्तुत नहीं करने के कारण प्रदेश के 53 हजार से अधिक पेंशनर्स प्रभावित होंगे। इसी क्रम में राजसमंद जिले के लगभग 510 पेंशनर्स और पारिवारिक पेंशनधारकों की पेंशन भी रुकने की स्थिति बन गई है।
राजस्थान राज्य सेवा निवृत अधिकारी कर्मचारी महासंघ के संभाग महामंत्री प्रभु गिरि गोस्वामी ने बताया कि वित्त विभाग के निर्देशों के अनुसार जीवन प्रमाण पत्र जमा करने की अंतिम तिथि 31 जनवरी 2026 निर्धारित थी, लेकिन बड़ी संख्या में पेंशनर्स इस समय सीमा में प्रक्रिया पूरी नहीं कर सके।
राजसमंद जिले में करीब 510 पेंशनर्स एवं पारिवारिक पेंशन प्राप्तकर्ता ऐसे हैं जिन्होंने 31 जनवरी 2026 तक अपना जीवन प्रमाण पत्र प्रस्तुत नहीं किया। इसी कारण उनकी पेंशन रोकने की तैयारी की जा रही है।
महासंघ के जिला अध्यक्ष घनश्याम जोशी एवं जिला महामंत्री सत्यनारायण व्यास ने बताया कि विभागीय सूत्रों के अनुसार प्रदेश में कुल 5,89,745 पेंशनर्स में से 53,258 पेंशनर्स ने अंतिम तिथि तक जीवन प्रमाण पत्र जमा नहीं कराया है।
जिन पेंशनर्स ने जीवन प्रमाण पत्र नहीं दिया है, उन्हें फरवरी माह की पेंशन तो मिल जाएगी, लेकिन मार्च माह में मिलने वाली पेंशन रोक दी जाएगी। इसके बाद जीवन प्रमाण पत्र जमा कराने और प्रक्रिया पूरी होने पर ही पेंशन पुनः शुरू हो सकेगी।
संभाग संगठन मंत्री राधेश्याम शर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष परमेश्वर आचार्य, उपाध्यक्ष राजेंद्र पालीवाल, मंत्री शिवलाल खींची, बंसीलाल रांका, अनिल परियानी सहित अन्य पदाधिकारियों ने बताया कि जिन पेंशनर्स के जीवन प्रमाण पत्र लंबित हैं, उनकी सूची संगठन के पास उपलब्ध है। उन्होंने अपील की कि संबंधित पेंशनर्स अति शीघ्र अपनी प्रक्रिया पूरी करें, क्योंकि जितनी देर से जीवन प्रमाण पत्र जमा किया जाएगा, उतनी ही देर से पेंशन का भुगतान शुरू होगा।