
राजसमंद. राजस्थान गौरव यात्रा की शुरुआत में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के संकल्प से शुरू होने वाले अखंड जाप विधानसभा चुनाव तक अनवरत होंगे। इसके लिए हेलीपेड व चारभुजानाथ मंदिर में विशेष पूजन होगा, जिसमें मुख्यमंत्री सुशासन का संकल्प लेते हुए राजस्थान की समृद्धि की कामना करेंगी। मुख्यमंत्री की गढबोर के चारभुजानाथ एवं कसार के वाराही माता के प्रति अटूट आस्था है।
कसार के आचार्य उमेश द्विवेदी के नेतृत्व में नेतृत्व में दर्जनभर पंडित मुख्यमंत्री के आगमन से पहले ही शनिवार सुबह से मंत्र- जाप शुरू कर देंगे। इसके लिए गढबोर (चारभुजा) के हेलीपेड स्थल, चारभुजानाथ मंदिर और रथ रवानगी स्थल पर भी वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा अर्चना होगी। मंदिर में ठीक १२.१५ से १२.५१ तक पंडित मंत्रों का जाप करेंगे और मुख्यमंत्री चारभुजानाथ से फिर सत्ता में लौटने की कामना करेंगी। फिर राजस्थान गौरव यात्रा के रथ को रवाना किया जाएगा, जो राज्य के सभी ३३ जिलों में घूमने के बाद भी विधानसभा चुनाव होने तक कुछ पंडित मुख्यमंत्री के नाम के वैदिक मंत्रों का जाप करते रहेंगे। वैदिक रीति के मुताबिक वैदिक मंत्रों का जाप करने के लिए मुख्यमंत्री द्वारा पंडितों को अधिकृत किया जाएगा। इसके तहत करीब पांच माह तक पंडितों द्वारा मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की जीत और भाजपा के फिर सत्ता में आने की कामना को लेकर वैदिक मंत्रोच्चारण का जाप किया जाएगा।
वाराही माता के प्रति है आस्था
मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की सैवंत्री पंचायत के कसार गांव में स्थित चामुंडा वाराही माता के प्रति अटूट आस्था है। यहां वर्ष २००८ में गुरुपूर्णिमा के दिन दर्शन कर विशेष पूजा अर्चना की। उसके बाद वर्ष २०१३ में चुनाव जीतने के बाद वर्ष २०१४ में दो बार पूजा की। उसके बाद एक बार हेलीकॉप्टर की सैवंत्री में आपात लैंडिंग हुई, तब भी मुख्यमंत्री द्वारा कसार पहुंचकर माताजी के दर्शन किए और विशेष पूजा अर्चना करवाई गई थी। इसी तरह गढबोर में चारभुजानाथ के प्रति भी उनकी खास आस्था है।
सावन माह में माता के दरबार पाठ
मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे द्वारा कसार के चामुंडा माता मंदिर में कई बार वैदिक पाठ व यज्ञानुष्ठान करवा चुकी है। सत्ता में आने के बाद तीन बार पाठ के पूर्णाहुति के दिन कसार पहुंचकर माता के दरबार में मत्था टेका। इस बार समयाभाव के चलते कसार के चामुंडा माताजी के निमित्त हेलीपेड पर पूजा अनुष्ठान का कार्यक्रम रखा है।