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Rajasthan News : चार पहिया वाहन मलिक की खैर नहीं, अब नहीं मिलेगा फ्री राशन, आदेश जारी

Food Department Order : खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग का सख्त कदम। चार पहिया वाहन वालों की खैर नहीं। अब इन्हें मुफ्त राशन नहीं मिलेगा। प्रमुख सचिव ने आदेश जारी कर दिए हैं। साथ ही खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के प्रमुख शासन सचिव ने परिवहन विभाग से इनके आधार नम्बर मांगे हैं।

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Rajasthan Rajsamand Four Wheeler Owners in Trouble Now they will not Get Free Ration Order Issued
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Food Department Order : जिनके पास चौपहिया वाहन हैं और उनका नाम राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा में जुड़ा है। उनकी अब खैर नहीं है। इसको लेकर सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं। ऐसे लोगों के नाम इस सूची से निकाले जाएंगे और इनको दिया जा रहा मुफ्त का राशन भी बंद किया जाएगा। इसको लेकर खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने राजस्थान के परिवहन विभाग को पत्र लिखा है। इसमें ट्रेक्टर और वाणिज्य श्रेणी के वाहनों को छोड़ कर प्रदेश के समस्त चौपहिया वाहन मालिकों के आधार कार्ड का ब्यौरा मांगा है। आधार कार्ड के माध्यम से इन लोगों की पहचान की जाएगी और उन्हे राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना से बाहर निकाला जाएगा। इसी के साथ जिला व उपखण्ड मुख्यालयों पर एन. एफ. एस. ए. में लम्बित आवेदनों के त्वरित निस्तारण, बच्चों और विवाहित महिला का नाम लाभार्थी राशन कार्ड में जोड़ने को लेकर भी मंजूरी प्रदान कर दी गई है। ताकि पात्र व्यक्ति इस योजना से जुड़ सके।

खाद्य सामग्री योजना 2024 राजस्थान का उद्देश्य

योजना का उद्देश्य राजस्थान के गरीब परिवार, जो कि आर्थिक रूप से कमजोर हैं। उन लोगों को खाद्य सामग्री खरीदने में मदद कर, उनके जीवन कल्याण की ओर ले जाना है। इस योजना के तहत कमजोर परिवार जो कि बीपीएल कार्डधारक हैं। उनके लिए खास तौर पर कम पैसे में उचित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए बनाई गई एक महत्वपूर्ण योजना है। इस योजना के माध्यम से राजस्थान के लोग खाद्य सुरक्षा को लेकर काफी फायदे ले रहे हैं।

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प्रमुख सचिव ने जारी किए आदेश

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के प्रमुख शासन सचिव भास्कर ए. सावंत ने आठ अगस्त को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना में पात्र लोगों को शामिल करने के लिए प्रदेश में जिला कलक्टर व जिला रसद अधिकारियों को अपात्र लाभार्थियों के निष्कासन को लेकर अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। इसमें ट्रेक्टर व वाणिज्य वाहनों को छोड़ अन्य चौपहिया वाहन मालिकों को ‘अपात्र’ की श्रेणी में माना गया है। यही नहीं सावंत ने परिवहन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रेया गुहा से राज्य के फेर-व्हीलर वाहन मालिकों के नाम व उनके आधार नंबर की सूची मांगी है। इन नामों की पड़ताल कर ऐसे लोगों को एनएफएसए की सूची से हटाए जाएगा।

इसलिए उठाया ये कदम

जानकारी के अनुसार प्रदेश में सरकार के पास अपात्र लोगों के नाम राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा सूची में जुड़े होने की शिकायतें पहुंच रही थी। इनके इस योजना से जुड़े होने के कारण पात्र लोग इसका लाभ नहीं ले पा रहे थे। इसको ध्यान में रखते हुए सरकार ने इस बार ये कदम उठाया है। ताकि अपात्रों के नाम सूची से हटाकर पात्र लोगों के जोड़ें जाएं ताकि वे सरकार की योजना का लाभ उठा सकें।

गलत सूचना देने पर होगी कार्रवाई

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा सूची में आवेदन स्वीकार करने से पहले विभागीय अधिसूचना में निष्कासन श्रेणी के मापदंड का ध्यान रखा जाएगा। गलत तथ्य पेश कर नाम जुड़वाने पर आवेदन निरस्त किया जाएगा और नियमानुसार वसूली कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा लाभार्थियों को खाद्यान्न वितरण से पहले ई-केवाईसी भी की जाएगी। मुख्यालय ने एनएफएसए में लंबित आवेदनों के निस्तारण के आदेश दिए हैं। पात्र को लाभ देने के लिए अपात्रों को निकाला जाएगा। चौपहिया वाहन मालिक को इस योजना में अपात्र माना गया है। इसलिए उन्हे इस योजना से बाहर किया जाएगा।

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Updated on:
10 Aug 2024 03:44 pm
Published on:
10 Aug 2024 03:14 pm