प्रदेश में खाद्य सुरक्षा योजना के तहत अपात्र लोग स्वेच्छा से अपना नाम हटवा रहे हैं। उनकी संख्या नाममात्र की है, जबकि दूसरी और खाद्य सुरक्षा सूची में नाम जुड़वाने के लिए आवेदन भरे जा रहे हैं। इसके तहत अब तक जितने नाम स्वेच्छा से नाम हटे हैं उससे करीब पांच गुना नाम जुडऩे के लिए आवेदन पहुंच चुके हैं।
राजसमंद. प्रदेश में खाद्य सुरक्षा योजना के तहत नाम जुड़वाने के लिए आवेदन भरने का काम जारी है। जिले में अभी तक 9852 से अधिक आवेदकों ने नाम जुड़वाने के लिए आवेदन किया है, जबकि रसद विभाग के गिवअप अभियान के तहत अब तक करीब 1900 अपात्र लोगों ने स्वेच्छा से नाम हटवाएं हैं। हालांकि नाम हटवाने के लिए गिवअप अभियान और नाम जुड़वाने के लिए पोर्टल दोनों अभी जारी है। केंद्र सरकार की ओर से संचालित खाद्य सुरक्षा योजना में गरीब परिवारों को मुफ्त गेहूं उपलब्ध कराया जाता है। राज्य सरकार ने उक्त सूची में करीब 10 लाख लोगों को जोडऩे के लिए 26 जनवरी को पोर्टल खोला था। तभी से सूची में नाम जुड़वाने के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन आवेदन भरे जा रहे हैं। रसद विभाग के जानकारों के अनुसार जिले में अभी तक ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह के करीब 9852 से अधिक आवेदन भरे जा चुके हैं, इसमें 37800 के करीब यूनिट शामिल है। हालांकि ऑनलाइन आवेदन अपीलीय अधिकारी के पास जाएंगे। अपीलीय अधिकारी की ओर से सत्यापित करने के बाद आवेदन शहरी क्षेत्र में नगरीय निकायों के प्रमुख अधिकारियों के पास जाएंगे। वहां से ग्रामीण क्षेत्र में ब्लॉक विकास अधिकारी के पास ये आवेदन भेजे जाएंगे। आवेदन पत्रों की जांच के लिए एक कमेटी बनी हुई है। कमेटी की रिपोर्ट पर यह अंतिम निर्णय लिया जाएगा कि कौन से नाम जोडऩे हैं और कौन सा नहीं। ऐसे में अंतिम रूप से कितने लोगों के नाम उक्त सूची में जुड़े हैं इसका पात बाद में ही चलेगा। उल्लेखनीय है कि तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने भी उक्त पोर्टल खोला था। इसमें भी 12546 आवेदन चल रहे अभी भी पेडिंग चल रहे हैं।
खाद्य सुरक्षा योजना के तहत पात्रता सूची में से अपात्र उपभोक्ताओं के स्वेच्छा से नाम हटवाने के लिए चलाए जा रहे गिव-अप अभियान के तहत अब तक 1900 लोगों ने स्वेच्छा से आवेदन कर अपना नाम उक्त सूची में हटवा लिया है। इसमें करीब 7600 यूनिट शामिल है। हालांकि सरकार ने उक्त अभियान की तिथि को बढ़ाकर 31 मार्च तक कर दिया है। इससे अभी और अपात्र लोगों के नाम हटवाने के लिए आवेदन आने की उम्मीद है। साथ ही रसद विभाग की ओर से अपात्र लोगों को नोटिस भी जारी किए गए हैं।