शहर के माणक चौक सब्जी मंडी में सब्जी विक्रेताओं में आगे बैठने की होड़ लगी रहती है। इसके कारण पूरी पटरियां खाली पड़ी है। इसके कारण मंडी जर्जर हो गई है।
राजसमंद. शहर के राजनगर स्थित माणक चौक सब्जी मंडी में सब्जी विक्रेताओं में आगे बैठने की होड़ के कारण स्थिति विकट हो गई है। मंडी परिसर में बनी पटरियां खाली पड़ी है। इसके कारण साफ-सफाई और मूत्रालयों की स्थिति खराब है। इसके बावजूद नगर परिषद इस और ध्यान नहीं दे रही है। नगर परिषद की ओर राजनगर स्थित माणक चौक में 2001 में सब्जी मंडी का लोकार्पण किया गया था। इसमें करीब 40 पटरियां बनी हुई है। यह सभी सब्जी विक्रेताओं को अलॉट है। इन पटरियों पर बारिश और गर्मी से बचाव के लिए लोहे की चद्दर आदि भी लगी हुई है। इसके बावजूद सब्जी विक्रेताओं में आपस में आगे बैठने की होड़ के कारण पटरियों को छोडकऱ कुछ सब्जी विक्रेता नीचे जमीन पर तो कुछ ने मुख्य गेट के बाहर अपनी अस्थाई दुकानें लगा रखी है। इसके कारण सभी सब्जी विक्रेताओं को आंवटित स्थान खाली पड़े हैं और अधिकांश के गेट आदि क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इसके बावजूद नगर परिषद और जनप्रतिनिधि भी ध्यान नहीं दे रहे हैं।
मंडी परिसर में दो मूत्रालय बने हुएं हैं, लेकिन समय के साथ सार-संभाल के अभाव और पानी की व्यवस्था नहीं होने के कारण वह भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इसके कारण सब्जी विक्रेताओं को परेशानी होती है। सब्जी मंडी में नियमित साफ-सफाई का भी अभाव है। यहां पर पेयजल की भी व्यवस्था नहीं है। हालांकि मंडी के बाहर लगे हैंडपंप से काम चलाया जा रहा है।
राजनगर में फव्वारा चौक पर बनी सब्जी मंडी में भी यही समस्या है। वहां पर भी सब्जी विक्रेताओं में आपस में होड़ के चलते मंडी परिसर में बैठने के स्थान की जगह मंडी के बाहर अथवा गेट पर बैठकर सब्जी बेची जाती है। नगर परिषद की ओर से कई बार उन्हें अंदर बैठने के लिए पाबंद भी किया गया, लेकिन फिर वही स्थिति हो जाती है।
माणक चौक सब्जी मंडी काफी पुरानी बनी हुई है। इसके कारण खराब हो गई है। इसकी जांच करवाकर जो भी कार्य आवश्यक है वह करवाए जाएंगे। सब्जी विक्रेताओं को भी पाबंद किया जाएगा।