राजसमंद

मरम्मत के अभाव में बदहाल हो रही व्यवस्था, कुंभलगढ़ और सापोल मार्ग में किचड़ व खड्डों से फंस रहे वाहन

गजपुर में भील बस्ती, पावणा में पुल व नाथेला में रावली तलाई की पाल क्षतिग्रस्त
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मरम्मत के अभाव में बदहाल हो रही व्यवस्था, कुंभलगढ़ और सापोल मार्ग में किचड़ व खड्डों से फंस रहे वाहन

राजसमंद. पिछले साल बारिश कुंभलगढ़ मार्ग पर सडक़ें टूट गई थी और कई पुलिया भी पानी के बहाव से कट कर बह गए थे। जिम्मेदारों ने यहां का मौका भी देखा, लेकिन एक साल बीतने के बावजूद इनकी मरम्मत करवाना मुनासिब नहीं समझा। कई जगह तो पुलिया निर्माण की राशि स्वीकृत होने के बावजूद काम शुरू नहीं किया गया। कई जगह पर टूटी पुलिया में नए पाइप तो डाल दिए, लेकिन उसके ऊपर सीसी निर्माण करने का कार्य अधूरा ही छोड़ दिया। जिम्मेदारों की इस लापरवाही का परिणाम जनता को भुगतान पड़ रहा है।
एतिहासिक पर्यटन स्थल कुंभलगढ़ दुर्ग को जोडऩे वाली मुख्य सडक़ पर सापोल में नाली भागल के पास पिछले वर्ष तेज बारिश से पूरी सडक़ कट गई थी। तब विभाग ने मिट्टी डलवाकर अस्थायी तौर पर इस मार्ग पर आवागमन सुचारू करवाया। लेकिन, एक साल बाद भी इस ओर ध्यान नहीं दिया गया। नाली भागल के पहाड़ों का पानी यहीं से निकलता है। यहां पर पुलिया निर्माण के लिए राशि भी स्वीकृत हो गई, लेकिन विभाग की ढिलाई के चलते काम ही शुरू नहीं हुआ। इसके चलते गत दिनों हुई बारिश से यहां डाली गई मिट्टी से कीचड़ हो गया। ऐसे में यहां कई वाहन कीचड़ में फंस गए, जिन्हें काफी मशक्कत से निकाला जा सका।
टूटे पुल की एक साल बाद भी मरम्मत नहीं
गजपुर के जामुनिया वानरी आंवली भील बस्ती में जाने वाले मार्ग पर गत बर्ष बारिश में पुलिया बह गया था। तब से लेकर अब तक इस बस्ती के बाशिंदों को बस्ती में जाने के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पंचायत के जिम्मेदार सरपंच व सचिव पुल टूटने के बाद सिर्फ मौका पर्चा बनाकर कागजों में ही दबाए बैठे हैं। मानसून की बारिश फिर शुरू हो चुकी है और यहां पहाड़ों से पानी का बहाव काफी तेज रहता है। ऐसे में इस बस्ती में रहने वाले बाशिंदों को पुल को पार करके जाना किसी चुनौती से कम नहीं है। यहां हादसे का खतरा भी रहेगा।
पावणा में पुल व नाथेला तलाई की पाल क्षतिग्रस्त
पावणा में पिछले साल बादल फटने से गजपुर-रिछेड़ मार्ग पर पुल बह गया था। ये पानी नाथेला के रावली तलाई में पहुंचा तो वहां की पाल भी टूट गई थी। यहां भी एक साल बीतने के बावजूद मरम्मत नहीं हो पाई। विभाग द्वारा नाथेला पाल पर मिट्टी डलवाकर सही तो करवाया, लेकिन इसके ऊपर सीसी निर्माण कार्य अधूरा ही छोड़ दिया। इसी प्रकार पावणा में पुल निर्माण में पाइप तो डाल दिए, लेकिन यहां भी ऊपर सीसी निर्माण का कार्य अधूरा है।इसके चलते बारिश से पुल के ऊपर से मिट्टी बह जाएगी तो फिर इस मार्ग का सम्पर्क कट जाएगा।
पुठोल मार्ग पर होली मगरा में नहीं बना पुल, सिर्फ मिट्टी डाली
कुंभलगढ़ दुर्ग को जोडऩे वाली मुख्य सडक़ पर गोवलिया के पास होलीमगरा पेेट्रोल पम्प के सामने पानी निकासी के पुख्ता प्रबंध नहीं होने से यहां बड़ा खड्डा हो गया है। पिछले साल बारिश में कई बाइक सवार गिर कर चोट खा चुके हैं। यहां विभाग ने मिट्टी डालकर कार्य अधूरा ही छोड़ दिया। यहां भी पाइप डालने थे, लेकिन वे अब तक नहीं डाले जा सके। इसके कारण यह पूरा मार्ग बारिश के शुरुआत में ही दल-दल में बदल चुका है। इन हालातों में आने वाले समय में तेज बारिश के बाद मार्ग की स्थिति और भी विकट होगी।

Published on:
30 Jun 2018 11:59 am