
राजसमंद. शहर में धोइंदा मार्ग पर कार की टक्कर से बाइक सवार युवक की मौत के बाद रविवार सुबह परिजन, रिश्तेदार व शहरवासियों ने फिर रोड जाम कर पुलिस, प्रशासन के विरुद्ध प्रदर्शन किया। करीब एक घंटे तक वाहनों का आवागमन बाधित रहा। डीएसपी डॉ. दुर्ग सिंह ने पहुंचकर रास्ता खुलवा दिया, फिर भी ढाई घंटे तक मौके पर भीड़ डटी रही। आखिर में हादसे का क्लेम व अधूरी सडक़ के लिए जिम्मेदा ठेकेदार से मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया, तब लोग शांत हुए।
जानकारी के अनुसार लविश होंडा पर मिस्त्री का कार्य करने वाले बडारड़ा निवासी नरेश रेगर (23) की मौत के बाद शव शनिवार रात को ही जिला अस्पताल के मुर्दाघर में रखवा दिया था। रविवार सुबह पोस्टमार्टम से इनकार करते हुए परिजन, रिश्तेदार व ग्रामीण दुर्घटना स्थल पर पहुंच गए और फिर रोड जाम कर दिया। टायर जलाकर विरोध प्रदर्शन किया। बाद में डीएसपी डॉ. दुर्गसिंह, थाना प्रभारी गोविंदसिंह, उपखंड अधिकारी राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल के बाद अतिरिक्त जिला कलक्टर ब्रजमोहन बैरवा भी पहुंच गए। अधिकारियों ने उचित मुआवजे का आश्वासन दिया, मगर लोग अधूरी सडक़ के लिए जिम्मेदार ठेकेदार से पांच लाख रुपए मुआवजे की मांग पर अड़ गए। इस दौरान पीडब्लूडी अधिशासी अभियंता एनएल वर्मा भी पहुंच गए और ठेकेदार को कॉल लगाया, मगर मोबाइल स्वीच ऑफ होने से कोई बात नहीं बन सकी। बाद में पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा कि मुख्यमंत्री सहायता कोष से 50 हजार रुपए तत्काल सहायता दिलवाई जाएगी। साथ ही दुर्घटना क्लेम के अलावा अन्य जो भी मदद होगी, उसके प्रयास किए जाएंगे।
रोड जाम से वाहन चालक परेशान
धोइंदा के पास कांकरोली- नाथद्वारा मार्ग जाम करने की वजह से वाहन चालक काफी परेशान हुए। यातायात पुलिस ने टीवीएस चौराहे से वाहनों को 100 फीट रोड से राजनगर की तरफ डायवर्ट कर दिए, जबकि दूसरे वाहन सोमनाथ चौराहा व धोइंदा से मोड़ दिया गया। रोड जाम के दौरान सडक़ के दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई, मगर लोगों के रोड जाम पर अड़े रहने पर पुलिस ने वाहनों को वापस मोडक़र वैकल्पिक मार्ग से निकाल दिया। करीब सवा ग्यारह बजे डीएसपी ने आकर जाम खुलवा दिया। उसके बाद भी डेढ़ घंटे तक वाहनों की आवाजाही पूर्ण रूप से बहाल नहीं हो पाई।