
राजसमंद. ऐ माह-इ-रमजान आहिस्ता चलना, हमें खासा कर्ज चुकाना है, कुछ ख्वाब है, जिनको लिखना है, कुछ लोग हैं उजड़े दिल वाले, उन सब में प्यार बसाना है। कुछ ऐसी ही ख्वाहीश के साथ भगवान्दा की ढाई साल की नन्हीं बच्ची एहलेनूर ने रमजान के 26वें जुम्मे का रोजा रखा। मासूम बच्ची के अठारह घंटे भूखी- प्यासी रह कर अमन चैन की दुआ की। काबरी कॉलोनी, भगवान्दा खुर्द की एहलेनूर के पिता अफजल खां व मां अफसाना बानू ने बताया कि उनकी बेटी सुबह जल्द उठकर रोजा रखने की जिद्द पर अड़ गई। पहले तो उन्होंने मना किया, मगर उनके दिल में अल्लाह के प्रति पे्रम व जुनून दिखा, तो सहमति दे दी। इस पर अल सुबह ४.०५ बजे से शाम ७.३० बजे तक बगैर खाए पीये रही और शाम को परिजनों के साथ इफ्तार किया। नमाज अदा कर एहलेनूर ने अल्लाह से पे्रम, सौहार्द, भाईचारे व बरकतों की दुआ मांगी।
इन्होंने भी रखा रोजा
भगवान्दा के मोहम्मद यासीन व सलमा बानू की पांच वर्षीय बेटी सीमोन एवं मोहम्मद शरीफ व माफिया की पांच वर्षीय बेटी असरा ने भी रोजा रखा। परिजनों ने दोनों बेटियों को भूख व प्यास लगने पर रोजा तोडऩे के लिए भी कहा, मगर दोनों बेटियां निर्णय पर अटल रही और रोजा पूरा कर दिखाया।
अब भवन पर कन्या महाविद्यालय का एकाधिकार
राजसमंद. शहर के हस्तिनापुर स्थित विद्यालय भवन में अब सिर्फ कन्या महाविद्यालय ही संचालित होगा। अब आठवीं तक की कक्षाएं श्री बालकृष्ण उमावि भवन में चलेगी, जिससे महाविद्यालय की शिक्षण व्यवस्था पर अब विपरीत प्रभाव नहीं पड़ेगा। स्कूल-कॉलेज के एक साथ संचालन से हो रही दिक्कत को भांप कर कलक्टर आनंदी ने अस्थायी तौर पर विद्यालय भवन आंवटित कर दिया। उल्लेखनीय है कि गत वर्ष विद्यालय और महाविद्यालय एक ही भवन में संचालित हुए, जिससे कम कक्षा कक्ष होने से स्कूल के साथ कॉलेज की छात्राओं को भी काफी असुविधा का सामना करना पड़ा था। हालांकि शिक्षा विभाग को जरूरत पडऩे पर कन्या महाविद्यालय को उक्त भवन खाली करना पड़ेगा। कलक्टर द्वारा जारी आदेश के मुताबिक विद्यालय भवन में बिजली, पानी व रख-रखाव का समस्त खर्च महाविद्यालय द्वारा ही वहन किया जाएगा। कॉलेज शिक्षण के अलावा इस भवन का कोई उपयोग नहीं कर सकेंगे। साथ ही सार्वजनिक निर्माण विभाग को नियमानुसार किराया भी देना होगा।