आगरिया . केंद्र और राज्य सरकार बालिका शिक्षा को लेकर बड़े-बड़े दावे तो कर रही है पर हकीकत इन दावों के विपरीत कुछ और ही बयां कर रही है। राजकीय बालिका उच्च प्राथमिक विद्यालय आगरिया भी इसी स्थिति का शिकार है, जहां बालिकाओं की पर्याप्त संख्या तो है, लेकिन विद्यालय का भवन ऐसा है, जहां बालिकाओं के लिए बैठने की सुविधा तक नहीं है। विद्यालय में कहने को तो 8 कमरे हैं, लेकिन इनमें से 3 कमरे पिछले 5 साल से जर्जरहाल हैं और इनमें पानी टपकता है। ऐसे में कुछ समय तो छात्राओं को इनमें बैठाया गया। लेकिन, जब इनकी छत का प्लास्टर उखड़ गया और दीवारों पर दरारें आ गई तो हादसे की आशंका को देखते हुए शिक्षा विभाग और विद्यालय प्रशासन ने इन कमरों में बैठाकर छात्राओं का अध्यापन कार्य बंद करवा दिया। इसके बाद विद्यालय में पांच कमरे और बचते हैं, जिनमें से दो कमरे प्रधानाचार्य व स्टाफ के लिए उपयोग होते हैं। वहीं, एक कमरे में पोषाहार का काम होता है ओर पोषाहार से संबंधित सामग्री रखी हुुई है। इसके चलते छात्राओं के अध्ययन के लिए मात्र दो कक्षा कक्ष ही शेष रहते हैं। ऐसे में कक्षा एक से तीसरी तक की छात्राओं को एक कमरे में बैठाया जाता है। कक्षा 4 व 5 की छात्राओं को भी एक ही कमरे में अलग-अलग तक मुंंह करवाकर अध्ययन करवाया जाता है। जबकि, कक्षा 6 से 8 तक की छात्राओं को तो बरामदे व खुले में ही अध्ययन करवाना पड़ता है।
अधिकारी नहीं दे रहे ध्यान : जर्जर कमरों को लेकर विद्यालय प्रबंधन की ओर से कई बार शिक्षा विभाग के अधिकारियों को अवगत कराया गया, लेकिन ध्यान नहीं दिया जा रहा। उल्टा विभाग की ओर से मौखिक तौर पर जर्जर कमरों का बारिश के दौरान उपयोग न करने के निर्देश मात्र दे दिए गए।
&हमरे जर्जर कमरों की समस्या को लेकर कई बार अधिकारियों को अवगत करवाया है।दानदाताओं से भी मदद लेने का प्रयास कर रहे हैं।
ललिता आचार्य, प्रधानाध्यापिका, राबाउप्रावि, आगरिया
&छात्राओं को सुरक्षित स्थान पर बैठाने को लेकर निर्देश दिए। सुमन प्रकाश पालीवाल, प्रधानाचार्य, राउमावि आगरिया
&जर्जर कमरों की मरम्मत का एस्टीमेट बनाकर भिजवाया ।
पवन कुमार गुप्ता, कनिष्ठ अभियंता, ब्लॉक प्रारंभिक शिक्षा कार्यालय आमेट
आपकी बेटी योजना के छह लाख रुपए दबाए बैठा है शिक्षा विभाग
राजसमंद ञ्च पत्रिका. शिक्षा विभाग की उदासीनता के चलते आपकी बेटी योजना की राशि अभीतक बेटियों के खाते में नहीं गई, जबकि सरकार ने विभाग को चार माह पूर्व ही राशि आवंटित कर दी थी, ऐसे में विभाग की यह उदासीनता बेटियों पर भारी पड़ रही है।
दरअसल सरकार ने बेटियों की शिक्षा पर आने वाली समस्याओं को ध्यान में रखते हुए यह योजना शुरू की। इस योजना के तहत राजकीय विद्यालयों में कक्षा 1 से कक्षा 12 में पढऩे वाली बालिकाएं, जिनके माता-पिता में से किसी एक अथवा दोनों का निधन हो गया हो तथा गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन कर रही हों। ऐसी बालिकाओं को आपकी बेटी योजना में आवेदन कराया जाता है। इसके लिए संबंधित बालिका से फॉर्म भरवाकर, मृत्यु प्रमाण पत्र, बीपीएल राशन कार्ड की प्रति तथा गत कक्षा की अंक तालिका की प्रति लगाकर संस्थाप्रधान को आवेदन किया जाता है, जो जिला शिक्षाधिकारी माध्यमिक के माध्यम से सरकार को भेजे जाते हैं तथा बालिका शिक्षा फाउंडेशन के जरिए बेटियों को राशि दी जाती है। इस योजना का विकलांग छात्राओं को भी लाभ दिया जाता है।
यह मिलती है राशि
योजना के तहत आठवीं तक की बेटी को १००० रुपए, ९वीं से १२वीं तक १५०० रुपए तथा विकलांग को २००० रुपए दिए जाते हैं।
मार्च में आई थी राशि
जानकारों ने बताया कि बताया कि बालिका फाउंडेशन की ओर से मार्च माह में ४२० छात्राओं के लिए ६२०००० रुपए का चेक शिक्षा विभाग में आ गया था। इसमें ४० हजार रुपए २० विकलांग छात्रों के लिए हैं। विभाग ने अभीतक इस राशि को छात्राओं तक नहीं पहुंचाई है।
&मेरी जानकारी में आया है, शीघ्र ही योजना की राशि छात्राओं को दी जाएगी।
-शिवकुमार व्यास, अतिरिक्त जिला शिक्षाधिकारी, राजसमंद