
आमेट. राजकीय माध्यमिक विद्यालय का भवन काफी पुराना होकर एक पहाड़ी पर बना हुआ है। ऐसे में विद्यालय परिसर के जमीन कटाव को रोकने और सुरक्षा की दृष्टि से बनी दीवार का कुछ हिस्सा दो पूर्व बारिश के दौरान ढह गया, लेकिन उसका पुनर्निर्माण अब तक नहीं हो पाया है। ऐसे में उच्च शिक्षा मंत्री के गृह जिले में ही विद्यार्थियों की सुरक्षा से खिलवाड़ किया जा रहा है तो अन्य स्थानों पर क्या अपेक्षा की जा सकती है।
विद्यालय का यह भवन करीब 6 5 वर्ष पुराना है। शुरुआती दौर में आठवीं तक का यह विद्यालय अब बारहवीं तक का है। यहां वर्तमान में एक हजार छात्र अध्यनरत हैं। पहाड़ी पर बने इस विद्यालय भवन के आगे जमीन के कटाव को रोकने व सुरक्षा की दृष्त् िसे 100 फीट लम्बी दीवार बनी हुई है। दीवार का करीब 40 फीट तक का हिस्सा जुलाई 16 में बारिश के दौरान गिर गया था। ऐसे में यह क्षेत्र विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए खतरा होने के साथ ही बारिश के दिनों में जमीन का कटाव भी होता है। इसके बावजूद दीवार की मरम्मत तो दूर मौके से ध्वस्त हुई दीवार का मलबा तक नहीं हटाया गया है। जबकि, इसी वर्ष विधायक सुरेन्द्रसिंह राठौड़ द्वारा विधायक मद से पांच लाख रुपए दीवार के निर्माण के लिए स्वीकृत करते हुए नगर पालिका बोर्ड को दिए थे। इसके बाद भी पालिका प्रशासन द्वारा आज तक इस दीवार को बनवाना शुरू करना तो दूर निर्माण कार्य के टेंडर तक नहीं निकाले गए। ऐसे में विद्यार्थियों के क्षतिग्रस्त दीवार की ओर जाने पर हादसा हो सकता है। वहीं, बारिश के मौसम में शेष बची दीवार के भी गिरने की आशंका है।
हां विधायक ने स्वीकृत की राशि
&विद्यालय प्रशासन द्वारा की गई मांग पर विधायक ने पांच लाख रुपए पालिका को स्वीकृत किए। परन्तु, पालिका द्वारा टेंडर प्रकिया तक नहीं की गई। ऐसे में विद्यार्थियों के खतरा बना हुआ है।
महावीर प्रसाद बगेरवाल, प्रभारी, राउमावि आमेट
भेज रखा स्वीकृति के लिए
&स्कूल की दीवार निर्माण को लेकर बजट बनाकर भेज रखा है। स्वीकृति मिलने पर कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा।
करणीसिंह सौदा, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका आमेट