
राजसमंद/आईडाणा. बच्चों को वैज्ञानिक बनाने के लिए तराशने की योजना के तहत अटल इनोवेशन मिशन को लेकर नीति आयोग द्वारा जारी कठोर मापदण्डों पर जिले के मात्र चार विद्यालय ही खरे उतर पाए। वो भी बरसों से चल रहे सरकारी या निजी स्कूल, नहीं बल्कि हाल ही के वर्षों में स्थापित मॉडल स्कूल हैं। अटल टिंकरिंग लैब्स के लिए जिले के एक भी निजी विद्यालय का चयन नहीं हुआ। इन चयनित विद्यालयों में स्वामी विवेकानन्द राजकीय मॉडल स्कूल देवगढ़, मॉडल स्कूल आमेट, मॉडल स्कूल भीम एवं स्वामी विवेकानन्द राजकीय मॉडल स्कूल राजसमंद हैं। अब इन विद्यालयों के बच्चों में नीति आयोग की योजना के तहत वैज्ञानिक प्रतिभा विकसित की जाएगी। इसके लिए इनमें अटल टिंकरिंग लैब्स (एटीएल) की स्थापना की जाएगी। इस लैब में उच्च श्रेणी के उपकरण सहित वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने के लिए सभी आधुनिक सुविधाएं होगी। इस मिशन के तहत प्रदेश के 192 विद्यालयों का चयन किया गया है। जबकि देश के तीन हजार राजकीय एवं गैर राजकीय विद्यालयों का चयन किया गया।
चयन का प्रावधान
नीति आयोग द्वारा जारी गाइड लाइन के अनुसार ऐसे राजकीय और गैर राजकीय विद्यालयों, जहां कम से कम कक्षा 6 से 10 का अध्ययन करवाया जाता हो, इसके लिए आवश्यक इन्फ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध हो तथा गाइड लाइन में दी गई शर्तें पूर्ण करते हो, वे अटल टिंकरिंग लैब्स स्थापित कर सकते थे।
मिशन का उद्देश्य
भारत सरकार के नीति आयोग द्वारा अटल इनोवेशन मिशन की स्थापना की गई है।
इसका उद्देश्य युवाओं में वैज्ञानिक मनोवृत्ति तथा जिज्ञासु प्रवृत्ति विकसित करना है। इसके लिए एटिएल स्थापित किए जाने का प्रस्ताव रखा गया है। यह बच्चों के मस्तिष्क में उभर रहे विचारों को मूर्त रूप में प्रदान करने के लिए अवसर उपलब्ध करवाएगा।
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स्वामी विवेकानन्द राजकीय मॉडल स्कूल आमेट का चयन नीति आयोग के अटल इनोवेशन मिशन में हुआ। इससे ग्रामीण क्षेत्र ंकी प्रतिभाओं को आगे बढऩे का मौका मिलेगा।
चन्द्रभानु सिंह चूण्डावत, प्रधानाचार्य, स्वामी विवेकानन्द राजकीय मॉडल स्कूल, आमेट