राजसमंद

सड़क सुरक्षा पर सख्ती: हेलमेट अब ‘नंबर वन प्राथमिकता’, 2026 तक दुर्घटना मृत्यु दर में 25 प्रतिशत कमी का लक्ष्य

सड़क दुर्घटनाओं में हो रही मौतों को लेकर जिला प्रशासन अब पूरी तरह एक्शन मोड में है। बुधवार को जिला कलक्टर अरुण कुमार हसीजा की अध्यक्षता में आयोजित जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में हेलमेट प्रवर्तन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी

2 min read
सड़क सुरक्षा को लेकर बैठक लेते जिला कलक्टर अरूण कुमार हसीजा व मौजूद अ​धिकारी।

राजसमंद.सड़क दुर्घटनाओं में हो रही मौतों को लेकर जिला प्रशासन अब पूरी तरह एक्शन मोड में है। बुधवार को जिला कलक्टर अरुण कुमार हसीजा की अध्यक्षता में आयोजित जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में हेलमेट प्रवर्तन को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए वर्ष 2026 तक दुर्घटना मृत्यु दर में 25 प्रतिशत कमी लाने की कार्ययोजना को मंजूरी दी गई। बैठक की शुरुआत पीडब्ल्यूडी के अधीक्षण अभियंता आर.एल. मेहता द्वारा गत बैठक की अनुपालना रिपोर्ट प्रस्तुत करने से हुई। इसके बाद जिला कलक्टर ने सभी संबंधित विभागों को ठोस रणनीति के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। बैठक में एडिशनल एसपी रजत बिश्नोई सहित पीडब्ल्यूडी, परिवहन, राष्ट्रीय राजमार्ग, चिकित्सा, उद्योग और प्रदूषण नियंत्रण विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

दोपहिया वाहन बने सबसे बड़ा जोखिम

प्रस्तुत विश्लेषण में सामने आया कि जिले में कुल वाहनों में लगभग 76 प्रतिशत हिस्सेदारी दोपहिया वाहनों की है, जिससे दुर्घटनाओं का जोखिम अधिक है। वर्ष 2024 में 222 और वर्ष 2025 में 241 मौतों के आंकड़े चिंता का विषय बने। खासतौर पर मोटरसाइकिल चालकों में सिर की चोट को मृत्यु का प्रमुख कारण मानते हुए हेलमेट उपयोग को अनिवार्य बनाने पर जोर दिया गया। जिला कलक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि हेलमेट नहीं पहनने, ओवरस्पीडिंग, गलत दिशा में वाहन चलाने और शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही आमजन से अपील की गई कि वे अपनी सुरक्षा के लिए हेलमेट का नियमित उपयोग करें।

ई-डार अपडेट और पीएम राहत योजना पर फोकस

बैठक में ई-डार पोर्टल पर दुर्घटना से संबंधित डेटा और साइट रिपोर्ट नियमित रूप से अपडेट करने के निर्देश दिए गए। पीएम राहत योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार पर जोर देते हुए चिकित्सा एवं पुलिस विभाग को निर्देशित किया गया कि दुर्घटनाग्रस्त व्यक्तियों को योजना का लाभ दिलाया जाए। उल्लेखनीय है कि 13 फरवरी 2026 से लागू इस योजना के तहत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को अधिकतम सात दिन तक 1.5 लाख रुपए तक का कैशलेस उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।

संयुक्त चेकिंग और सख्त कार्रवाई

परिवहन और पुलिस विभाग को संयुक्त निरीक्षण दल बनाकर नियमित वाहन चेकिंग अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। बिना नंबर प्लेट, बिना रिफ्लेक्टर, ओवरस्पीड और शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के साथ ड्राइविंग लाइसेंस निलंबन/निरस्तीकरण तक की कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। साथ ही हर माह कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए। नई पीढ़ी में जागरूकता बढ़ाने के लिए विद्यालयों और महाविद्यालयों में सड़क सुरक्षा क्लब गठन और नियमित गतिविधियों के आयोजन पर भी जोर दिया गया।

गुड सेमेरिटन का सम्मान

बैठक के अंत में गुड सेमेरिटन योजना के तहत केलवा के पास सड़क दुर्घटना में घायल महिला को गोल्डन ऑवर में अस्पताल पहुंचाकर उसकी जान बचाने वाले जोधपुर निवासी संजय सिंह को जिला कलक्टर ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। जिला कलक्टर ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए जनसहभागिता और यातायात नियमों का पालन बेहद जरूरी है।

Published on:
30 Apr 2026 11:22 am
Also Read
View All