तहसील क्षेत्र की घाटी ग्राम पंचायत अंतर्गत रावाखेड़ा गांव के निकट स्थित चारागाह भूमि में बुधवार को अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। आग लगने का कारण विद्युत लाइन में हुआ शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है
कुंवारिया. तहसील क्षेत्र की घाटी ग्राम पंचायत अंतर्गत रावाखेड़ा गांव के निकट स्थित चारागाह भूमि में बुधवार को अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। आग लगने का कारण विद्युत लाइन में हुआ शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है, जिससे निकली चिंगारियां सूखी घास पर गिरते ही आग भड़क उठी। देखते ही देखते आग ने तेज हवा के कारण विकराल रूप धारण कर लिया और चारागाह के बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया। सामाजिक कार्यकर्ता शंकर लाल जाट के अनुसार, मेला ग्राउंड के पास स्थित चारागाह क्षेत्र में विद्युत लाइनों से चिंगारियां गिरने के कारण यह घटना हुई। आग लगने से क्षेत्र में लगे पेड़-पौधे और पशुओं के लिए रखा गया चारा जलकर नष्ट हो गया। धुएं का गुबार उठता देख आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और बिना समय गंवाए आग बुझाने के प्रयासों में जुट गए।
ग्रामीणों में छीतरमल जाट, गणपत लाल गमेती, शंकर लाल जाट, भेरू लाल जाट, मुकेश चौधरी सहित बड़ी संख्या में लोगों ने मिलकर हालात को संभाला। रावाखेड़ा गांव से पानी का टैंकर बुलवाया गया और सामूहिक प्रयासों से आग पर काबू पाने की कोशिशें शुरू की गईं। करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत और लगातार प्रयासों के बाद आग पर पूरी तरह नियंत्रण पाया जा सका।
आग की चपेट में आने से पेयजल वितरण व्यवस्था को भी नुकसान पहुंचा। नलकूप की केबल, स्टार्टर, मीटर और विद्युत ट्रांसफार्मर जलकर क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे क्षेत्र में अस्थायी रूप से जल आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
ग्रामीणों ने बताया कि आग की तीव्रता काफी अधिक थी, लेकिन समय रहते सभी के एकजुट प्रयासों के चलते पास के खेतों को बड़े नुकसान से बचा लिया गया। यदि आग पर समय रहते काबू नहीं पाया जाता, तो यह और अधिक फैलकर व्यापक नुकसान का कारण बन सकती थी। इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीणों की एकजुटता और सतर्कता को उजागर किया है।