स्वच्छ भारत मिशन का मामला
देलवाड़ा. देशभर में चल रहे स्वच्छता अभियान के तहत यूं तो देलवाड़ा में भी सफाई का ढिंढोरा पीटा जा रहा है। लेकिन, यहां स्वच्छता की जमीनी हकीकत कागजी आंकड़ों से पूरी तरह जुदा होने से स्वच्छ देलवाड़ा का सपना कब पूरा होगा कोई नहीं कह सकता। कस्बे के पुराने पंचायत भवन के पीछे वाली सडक़ पर तो स्वच्छता की जमीनी हकीकत यह है कि पूरी सडक़ कीचड़ से सराबोर होने से वहां से गुजरने तक की जगह नहीं है। ऐसे में अगर गलती से कोई दुपहिया वाहन चालक अचानक इस सडक़ पर आ जाए तो उसका फिसलना तय है। मोहल्ले वासियों ने इस मार्ग की इस बदहाल स्थिति को लेकर जिम्मेदारों को कई मर्तबा सूचित कर दिया पर अब तक तो वह भैंस के आगे बीन बजाने के बराबर ही साबित हो रहा है। ऐसे में अगर समय रहते इस गली में रोड नहीं बनाई गई तो बारिश के समय तो हालात ज्यादा बदतर हो जाएंगे क्योंकि कस्बे की सभी जगहों का पानी इकट्ठा होकर इसी मार्ग पर आता है। वहीं, कस्बे के अधिकांश मोहल्लों में हाल ही में विभिन्न योजनाओं के तहत नवीन सीसी सडक़ें बनाई गई। मगर, कस्बे के ऐतिहासिक व सबसे पुराना मोहल्ले तेलीवाड़ा में सडक़ अधूरी छोड़ देने से यहां भी गंदगी व कीचड़ का आलम रहता है।
पंचायत नहीं देती ध्यान
जब जलापूर्ति होती है तो उस दौरान गली में पानी और कीचड़ फैल जाता है। इससे घरों में आवागमन मुश्किल हो जाता है। यह समस्या काफी समय से है। इसकी शिकायत पंचायत मे कई बार की पर हर बार नागरिक विकास मंच से सम्पर्क करने को कहा जाता है। मंच के सफाई कर्मी हड़ताल पर चले गए हैं तो हमारी समस्या का समाधान कैसे होगा।
कंचन कुंवर झाला, मोहल्लावासी
मोहल्ले में खंडा सडक़ स्वीकृत हुई, मगर इस मार्ग पर पूरे गांव की नालियों का पानी आने के कारण खन्डा सडक़ रुकवाई और सीसी सडक़ स्वीकृत करवाई। अब सांसद मद से यहां शीघ्र सीसी सडक़ बनवाने के बाद समस्या का समाधान हो जाएगा।
छोटूलाल यादव, उप सरपंच देलवाड़ा
20 अप्रेल बाद सफाई
पिछले बारह साल से कस्बे में सफाई व्यवस्था नागरिक विकास मंच संभाल रहा है। पंचायत सहभागी की भूमिका निभाता है, फिलहाल मंच के आरोग्य मित्र हड़ताल पर होने से समस्या है। 20 अप्रेल को इस मुद्दे पर फैसला लिया जाएगा।
जितेन्द्रसिंह झाला, सचिव देलवाड़ा