राजसमंद

पुलिस प्रशासन की नामसमझी आम लोगों को पड़ी भारी

नई व्यवस्था से परेशान हुए लोग -पैदल भी चक्कर लगाकर जाना पड़ा
2 min read
The police administration's policy is very heavy to the common people
पुलिस प्रशासन की नामसमझी आम लोगों को पड़ी भारी

राजसमंद. विधानसभा चुनाव की मतगणना को लेकर इस बार प्रशासन व निर्वाचन विभाग द्वारा की गई नई व्यवस्था से शहरवासियों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। शहर के लोगों के लिए यह बेतुकी व्यवस्था पूरी तरह से समझ से बाहर रही।
प्रशासन की ओर से पूर्व में भी बालकृष्ण विद्याभवन राउमावि को ही मतगणना स्थल बनाया जाता था। ऐसे में स्कूल के मुख्य द्वार के बाहर बाजार में स्थिति सामान्य रहती थी और लोगों की आवाजाही बनी रहती थी। इसी तरह रुझान व परिणाम जानने के लिए भी लोगों को बालकृष्ण स्टेडियम में प्रवेश दिया था। इसके विपरित इस बार प्रशासन ने बालकृष्ण स्टेडियम को छावनी बना दिया और मुख्य द्वार के साथ सभी रास्ते बंद कर दिए। वहीं, चौपाटी पर भी हनुमान मंदिर के सामाने से बेरिकेड लगाकर रास्ता अवरुद्ध कर दिया गया। चौपाटी से लेकर बड़ा दरवाजा तक आवागमन को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया। ऐसे में पुरानी सब्जी मंडी, बड़ा दरवाजा व गुप्तेश्वर महादेव क्षेत्र के लोगों को आवागमन में दिक्कत हुई। वहीं, मंदिर मार्ग, सर्राफा बाजार, रेती मोहल्ला के लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
दूध-पानी तक की दिक्कत
सुबह से रास्ते जाम कर दिए जाने से दूध और पानी वालों को भी बंदी का दूध आदि पहुंचाने में दिक्कत हुई। चौपाटी की ओर से तो लोगों को सुबह से लेकर शाम तक पैदल भी नहीं जाने दिया जा रहा था। ऐसे में लोगों को रामधुन गली से नया बाजार होकर सर्राफा बाजार होते हुए गंतव्य तक पहुंचना पड़ा। वहीं, नौकरी व काम-धंधे पर जाने वालों को भी इसी तरह चक्कर लगाकर जाना पड़ा।
बाजार में कारोबार ठप
सुरक्षा को लेकर इस तरह की नासमझ व्यवस्था के चलते कांकरोली के बाजारों में व्यापार पूरे दिन प्रभावित हुआ। चौपाटी से ही नया बाजार, रामधुन गली और सर्राफा बाजार की ओर लोगों की आवाजाही रहती है। लेकिन, चौपाटी पर ही रास्ता बंद कर दिए जाने व लोगों का दिनभर जमावड़ा लगने से लोगों का आवागमन बंद हो गया। इससे तीनों बाजारों के साथ ही चौपाटी से थोड़ा आगे पुरानी सब्जी मंडी में फल-सब्जी के व्यवसायियों का धंधा भी पूरे दिन चौपट हो गया। इन क्षेत्रों में शहर के दूसरे क्षेत्रों से दुपहिया वाहन लेकन आने वाले व्यवसाइयों को भी वाहन नहीं लाने दिए गए। ऐसे में उन्हें अपने वाहन जेके मोड़ से पहले व बड़ौदा बैंक की गली, पुरारा बस स्टैण्ड पर लावारिश हाल में छोड़ पैदल ही प्रतिष्ठानों पर पहुंचना पड़ा।
खाली पड़ा रहा स्टेडियम
स्टेडियम का एक बड़ा हिस्सा इस हिटलरशाही कार्रवाई के चलते खाली ही पड़ा रहा। जबकि, पूर्व के चुनावों के दौरान परिणाम जानने के उत्सुक लोग इसी मैदान में खड़े रहते थे। वहीं, उनके वाहन भी यहां रखे जाते थे। ऐसे में शहर की व्यवस्थाएं बिल्कुल प्रभावित नहीं हो पाती थी।

Published on:
12 Dec 2018 11:12 am