
शीतलहर और कड़ाके की सर्दी धूजणी छुड़ा रही है। दिन में तीखी धूप के बाद भी गलन सता रही है। लोग सिर से पैर तक ऊनी कपड़ों में लिपटे रहे। कोहरे और ओस के बीच सुबह करीब 11 बजे सूरज ने सुनहरी धूप बिखेरी, लेकिन बर्फीली हवाओं ने सिहरा दिया। धूप में बैठने के बावजूद लोगों को शीतलहर से राहत नहीं मिली। दोपहर में धूप तेज होने के बावजूद गलन ने जमकर सताया। शाम ढलते ही सर्दी ने फिर जकड़ लिया। हवा के बर्फीले तेवर ने सिहराया। कड़ाके की ठंड से बचने के लिए भीलवाड़ा रोड, कांकरोली, राजनगर और धोईंदा के मुख्य मार्गो के किनारे लोग अलाव तापकर सर्दी से बचाव करते दिखाई दिए। शाम होते ही फिर से गलन शुरू हो गई। मौसम विभाग के जानकारों के अनुसार अधिकतम तापमान 20 डिग्री और न्यूनतम तापमान 4.5 डिग्री रहा, जबकि गुुरुवार को अधिकतम तापमान 23.5 और न्यूनतम तापमान 7 डिग्री दर्ज किया गया था। आगामी दिनों में कोहरा छाए रहने और मावठ की संभावना जताई जा रही है।
आमेट. क्षेत्र में कड़ाके की सर्दी का सितम बढ़ता ही जा रहा है। बीते 4 दिनों से चल रही शीतलहर ने लोगों को कंपकंपा रखा है। अलसुबह से ही घना कोहरा छाया रहा। मॉर्निंग वॉक पर निकले लोगों व वाहनचालकों को सडक़ों पर थोड़ी दूर तक कुछ भी नजर नहीं आ रहा था। लोग अलसुबह ही अलाव तापते नजऱ आए। शाम छह बजे बाद फिर तेज सर्दी ने धूजणी छुड़ा दी। कोहरे व तेज़ सर्दी के कारण दिनभर बाजारों में चहल-पहल कम रही।
कुंवारिया. क्षेत्र में अलसुबह मौसम सबसे अधिक ठंडा रहा। खेतों की पालियों एवं खुले स्थानों पर ओस की बूंदें जमी सी दिखी। सुबह धुंध एवं कोहरे की सघनता के कारण फोरलेन पर 10 मीटर के आगे साफ दिखाई नहीं दे रहा था। वाहनों की हेडलाइट चलाकर वाहन काफी धीमी रफ्तार से गुजरते नजर आए। मौसम में अचानक बदलाव तथा दिन में कोहरा छाने से दिन में भी ठण्ड का प्रकोप बना रहा। लोग दिन में भी अलाव जलाते नजर आए।