
राजसमंद झील की बायीं नहर से पानी की निकासी जारी है, जबकि दायीं नहर को बारिश के बाद से बंद कर दिया गया है। पिछले दस दिनों में झील से करीब 1.30 फीट पानी की निकासी हो चुकी है। वर्तमान में झील का जलस्तर 28.50 के करीब पहुंच गया है। राजसमंद झील से 42 गांवों की 10,500 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराया जाता है। गत 9 नवम्बर को जल वितरण समिति की बैठक में 16 नवम्बर को नहरें खोलने का निर्णय लिया गया था। इसके तहत दायीं नहर को खोल दिया गया, लेकिन तकनीकी कारणों के चलते बायीं नहर को 19 नवम्बर को खोला गया। इसके बाद से दोनों नहरों से पानी की निकासी जारी है। रविवार देरशाम तेज बारिश के चलते बायीं और दायीं नहर को बंद कर दिया गया। इसके बाद सोमवार को काश्तकारों की मांग पर दोपहर 2 बजे करीब बायीं नहर को खोल दिया गया, जबकि दायीं नहर अभी भी बंद है। झील की दोनों नहरें खुलने पर जलस्तर 29.80 फीट के करीब था, पिछले दस दिनों में पानी की निकासी के चलते सोमवार शाम तक झील का जलस्तर 28.50 फीट के करीब पहुंच गया है। सिंचाई विभाग के जानकारों के अनुसार बायीं नहर से 28 दिन और दायीं नहर से 32 दिन पानी दिया जाता है। वर्तमान में रेलणी के लिए पानी उपलब्ध कराया जा रहा है, इसके पश्चात तीन बार सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराया जाएगा। सिंचाई में 16.50 फीट पानी पेयजल आपूर्ति के लिए रखा जाएगा।
धोरों का रास्ता अवरूद्ध, जताया रोष
राजसमंद झील से निकलने वाली नहर का पानी धोरों के माध्यम से खेतों में जा रही है, लेकिन बम्बावाले राडाजी के निकट एक स्थान पर प्लाटिंग के चलते बिजली के खम्भे लगा दिए गए। इसके कारण पानी खेतों तक नहीं पहुंच पा रहा था। इससे आक्रोशित होकर ग्रामीणों ने सिंचाई विभाग को सूचना दी। सूचना पर सिंचाई विभाग और राजस्व विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर बिजली के पोल हटवाने के निर्देश दिए।