राजसमंद

कार्मिक विधानसभा चुनाव में व्यस्त, डेढ़ माह नहीं होंगे आमजन के काम!

विभागों में रोजमर्रा के कार्य अटके, फरियाद सुनने वाला कोई नहीं चार हजार जाति प्रमाण पत्र लंबित, मॉनिटरिंग नहीं
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कार्मिक विधानसभा चुनाव में व्यस्त, डेढ़ माह नहीं होंगे आमजन के काम!

राजसमंद. विधानसभा चुनाव की ड्यूटी लगने की आड़ में तमाम महकमों में रोजमर्रा के कामकाज ठप हो गए हैं। मतदाता सूची अपडटे करने से लेकर मतदान केन्द्रो पर शांति मतदान व मतगणना तक की तैयारी को लेकर 22 कमेटियां गठित की गई, जिसमें 50 से ज्यादा अधिकारियों की प्रभारी बनाया गया है। कलक्टर द्वारा जनसुनवाई- विभागीय समीक्षा बैठकों निरस्त करने के बाद सभी विभागों ने रोजमर्रा के कार्य नजरअंदाज कर दिए हैं। इसके चलते लोग छोटे छोटे कार्यों के लिए इधर उधर चक्कर काटने को मजबूर है, मगर उनकी परेशानी सुनने वाला ही कोई नहीं है। तहसीलों व उपखंड कार्यालयों में 4 हजार से ज्यादा जाति प्रमाण पत्र लंबित पड़े है और आय, जाति, जन्म-मृत्यु के साथ भामाशाह कार्ड की भी हजारों पत्रावलियां अटकी पड़ी है। इसका खमियाजा आमजन का भुगतना पड़ रहा है।

जिला प्रशासन ने विधानसभा चुनाव की विभिन्न व्यवस्थाओं के लिए 22 कमेटियों का गठन किया है, जिसमें दो से तीन तीन प्रभारी अधिकारी नियुक्त किए हैं। चुनाव नियंत्रण कक्ष के अलावा कई मतदान जागरुकता अभियान, प्रचार प्रसार के लिए दो सौ से ज्यादा कार्मिक व अधिकारियों की फौज जुट गई है। ईवीएम मशीनों का रेंडमाइजेशन, उनकी जांच, राजनीतिक दलों के साथ ही आमजन की शंका का समाधान करने, मत पत्रों की छपाई, सामान्य, संवेदनशील व अति संवेदनशील मतदान केन्द्रों का चयन, चुनाव के लिए कार, जीप व अन्य वाहनों का अधिग्रहण, डाक पत्र तैयार करवाने आदि व्यवस्थाओं में भी करीब पांच सौ से ज्यादा कार्मिकों की ड्यूटी लगा दी गई है। कुछ कार्मिकों को प्रतिनियुक्ति पर निर्वाचन शाखा में लगा दिया है, जबकि अधिकांश कार्मिक व अधिकारी मूल विभागीय दफ्तर में ही रहकर रोजमर्रा के कामकाज के साथ आवंटित चुनावी कार्य कर रहे हैं।

ये जाति प्रमाण पत्र अटके
खमनोर, आमेट, कुंभलगढ़, गढबोर, देवगढ़, भीम, रेलमगरा, नाथद्वारा, देलवाड़ा व राजसमंद तहसील में 2 हजार 964 प्रमाण पत्र अटके हुए हैं। सर्वाधिक प्रमाण पत्र राजसमंद तहसील कार्यालय में अटके पड़े है, जहां गत चार दिन पहले ही नए तहसीलदार ने ज्वाइन किया, मगर गढबोर में 481, देवगढ़ में 464, रेलमगरा में 415, नाथद्वारा में 309 प्रमाण पत्र लंबित है। इसके अलावा उपखंड कार्यालयों में 1072 जाति प्रमाण पत्र अटके हुए हैं। रेलमगरा उपखंड अधिकारी के पास रिटर्निंग अधिकारी का चार्ज नहीं होते हुए भी सर्वाधिक 246 प्रमाण पत्र लंबित है, जबकि नाथद्वारा रिटर्निंग अधकारी होते हुए भी सिर्फ 54 प्रमाण पत्र लंबित है। इसी तरह देवगढ़ रिटर्निंग अधिकारी न होते हुए भी 572 जाति प्रमाण पत्र अटके हैं, जबकि रिटर्निंग अधिकारी का प्रभार होने के बावजदू भीम में 143 व राजसमंद में सिर्फ 9 प्रमाण पत्र अटके हैं। इस विरोधाभासी आंकड़ों से तहसीलदारों व एसडीएम की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

साढ़े हजार भामाशाह कार्ड अटके
जिले के 9 तहसील कार्यालयों में भामाशाह कार्ड के नए आवेदन, संशोधन के लिए 2 हजार 664 आवेदन हुए, मगर सत्यापन लंबित है। इसी तरह पंचायत समिति भीम, आमेट, देवगढ़, खमनोर, कुंभलगढ़, रेलमगरा, राजसमंद के विकास अधिकारी और भामाशाह कार्ड द्वितीय स्तर पर उपखंड अधिकारी राजसमंद, आमेट, देवगढ़ व नाथद्वारा में 1728 का सत्यापन नहीं हो पाया।

चुनावी व्यस्तता में कुछ दिक्कत
विधानसभा चुनाव का कार्य प्रथम प्राथमिकता है। फिर भी आमजन को कोई दिक्कत न हो, यही प्रयास हर विभाग का है। कुछ दफ्तरों के सभी कार्मिक व अफसरों की ड्यूटी चुनाव में लगने से कुछ समस्या है। इमरजेंसी कोई कार्य है, तो संबंधित विभागीय अधिकारी या रिटर्निंग अधिकारी को बता कर करवा सकते हैं।
श्यामलाल गुर्जर, जिला कलक्टर राजसमंद

Published on:
24 Oct 2018 12:28 pm