राजसमंद

सही मतदान की प्रक्रिया समझने लगे मतदाता : चार सीटों पर सिर्फ 109 वोट खारिज

राजसमंद शहर से ज्यादा ग्रामीण क्षेत्र के लोग रहे सतर्क
2 min read
Rajsamand,Rajsamand news,Rajsamand Hindi news,Rajsamand local news,rajsamand latest hindi news,rajsamand latest hindi news rajsamand,rajsamand latest news rajsamand,Latest News rajsamand,Latest hindi news rajsamand,
सही मतदान की प्रक्रिया समझने लगे मतदाता : चार सीटों पर सिर्फ 109 वोट खारिज

राजसमंद. जिस तरह मजबूत लोकतंत्र के लिए हर शख्स का मतदान करना जरूरी है, ठीक उतना ही आवश्यक हर वोट सही तरीके से देना उससे भी ज्यादा जरूरी है। सही तरीके से वोटिंग नहीं करने की वजह से जिले की चारों विधानसभा सीटों पर 109 वोट खारिज हुए और शहर की अपेक्षा ग्रामीण क्षेत्र में सबसे कम वोट खारिज हुए हैं। जानकारी के अनुसार नाथद्वारा विधानसभा क्षेत्र के वोटों की गणना के दौरान 109 वोट खारिज हुए। इसी तरह राजसमंद विधानसभा में 75 वोट, भीम विधानसभा में 90 वोट एवं कुंभलगढ़ विधानसभा क्षेत्र में 45 वोट खारिज हुए। राजसमंद व नाथद्वारा विधानसभा का काफी क्षेत्र शहरी क्षेत्र में होने के बावजूद लोग सही वोटिंग करने के प्रति जागरुक नहीं है, जबकि कुंभलगढ़ विधानसभा का ज्यादातर इलाका आदिवासी बहुल होने के बावजूद सबसे कम वोट खारिज हुए। इससे स्पष्ट है कि राजसमंद, नाथद्वारा शहरी क्षेत्र होने के बावजूद कुंभलगढ़ व भीम ग्रामीण क्षेत्र की विधानसभाओं में वोट कम खारिज हुए। खारिज हुए वोटों के मुताबिक शहर की अपेक्षा ग्रामीण क्षेत्र के लोग सही वोट देने को लेकर काफी सतर्क है।

वोटिंग में देरी मुख्य कारण
ईवीएम से वोटिंग की प्रक्रिया अभी तक लोग पूर्णतया नहीं समझ पाए हैं। इसी वजह से हर विधानसभा में वोट खारिज हो रहे हैं। वोटिंग में देरी का मुख्य कारण वोट देने में काफी ज्यादा समय लगाना। इसके अलावा एक से ज्यादा बटन दबाने की वजह से भी वोट खारिज हो जाता है। ईवीएम से वोटिंग प्रक्रिया से अब भी ग्रामीण क्षेत्र के लोग बेखबर हैं। इससे निर्वाचन विभाग के स्वीप के जागरुकता कार्यक्रम पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

नहीं चला जातिवाद, हर समाज के मिले वोट
विधानसभा राजसमंद में भाजपा प्रत्याशी किरण माहेश्वरी एवं कांगे्रस प्रत्याशी नारायणसिंह भाटी को मिले वोट में जातिवाद नहीं चला। हर जाति, समुदाय के लोगों ने दोनों ही राजनीतिक दलों को वोट देकर किसी जाति विशेष को राजनीतिक दल का वोट बैंक मानने का मिथक तोड़ दिया। कांगे्रस को उम्मीद थी कि भाटी को राजपूत व मुस्लिम वोट का फायदा मिलेगा और भाजपा को महाजन-माहेश्वरी समाज के वोट तय है। फिर भी दोनों ही प्रत्याशियों को सभी धर्म, समुदाय के समान वोट मिले। कुछ माह पहले भाजपा प्रत्याशी के बयान को लेकर भी आशंका जताई जा रही थी कि इस बार भाजपा के कई वोट कट जाएंगे, मगर ऐसा कहीं दिखाई नहीं दिया।

Published on:
13 Dec 2018 11:55 am