राजसमंद

राजस्थान के इस जिले के लिए मौसम बना वरदान, मांग में दस प्रतिशत से अधिक की आई गिरावट…पढ़े पूरी खबर

ग्लोबल वार्मिंग के चलते मौसम में लगातार बदलाव आ रहा है। इसके चलते इस माह से अब तक बादलों की लुकाछिपी और बारिश का दौर जारी है। मौसम परिवर्तन के कारण 44 लाख यूनिट से अधिक बिजली की बचत हुई है।
2 min read
• •
Updated: 14 May 2025, 11:25 AM IST
Feature image

हिमांशु धवल @ राजसमंद. ग्लोबल वार्मिंग मौसम पर दिखाई देने लगा है। पश्चिमी विक्षोभ के चलते मई माह में अब तक प्रतिदिन मौसम में बदलाव देखने को मिला है। तापमान में गिरावट के चलते राजसमंद सर्कल में बिजली का उपभोग पिछले साल मई माह के मुकाबले इस बार अब तक 44.70 लाख यूनिट कम हुआ है। इससे बिजली की बचत हुई है। प्रदेश में वैशाख माह में गर्मी का दौर शुरू हो जाता है। इसके कारण बिजली की डिमांड भी बढ़ती है। डिस्कॉम प्रशासन की ओर से वैशाख और ज्येष्ठ माह में बिजली की आपूर्ति को नियमित बनाए रखने के लिए कड़ी मशक्त करनी पड़ती है। अप्रेल में गर्मी ने अपना रौद्ध रूप दिखाना शुरू कर दिया था। तापमान भी 44-45 डिग्री तक पहुंचने लगा था, लेकिन मई माह की शुरुआत से लेकर अब तक पश्चिमी विक्षोभों के चलते मौसम में उतार-चढ़ाव का दौर जारी है। बादलों की लुकाछिपी के साथ बारिश होने के कारण तापमान में गिरावट आई है। इसके कारण बिजली की डिमांड घट गई। तापमान में गिरावट के चलते कूलर और एसी का संचालन नाममात्र का रह गया है। इस माह में अभी तक राजसमंद सर्किल में 44.70 लाख यूनिट बिजली की खपत कम हुई है।

फैक्ट फाइल

  • 3,23,832 जिले में विद्युत कनेक्शन
  • 2.64 लाख घरेलू बिजली उपभोक्ता
  • 30,487 जिले में कृषि उपभोक्ता
  • 20 हजार करीब अघरेलू कनेक्शन

अब तक 463.59 लाख यूनिट का उपयोग

अजमेर विद्युत वितरण निमग की ओर से औद्योगिक और घरेलू कनेक्शनों से बिजली उपलब्ध कराई है। जिले में इंडस्ट्रीज संख्या काफी है। घरेलू और कृषि कनेक्शन भी काफी है। इसके चलते पिछले साल मई 2024 में 12 मई तक 470.90 लाख यूनिट बिजली की खपत हुई थी, लेकिन इस बार अब तक 424.04 लाख यूनिट बिजली की खपत हुई है, जो पिछले साल के मुकाबले 44.70 लाख यूनिट कम है। मौसम ऐसा ही बना रहने पर आगामी दिनों में भी डिमांड कम होने की संभावना जताई जा रही है।

7 हजार से करीब औद्योगिक कनेक्शन

जिले में सात हजार के करीब औद्योगिक कनेक्शन है। जिले में सर्वाधिक माइनिंग एरिया होने के साथ ही मार्बल, गैंगसा और कटर आदि लगे हुए है। इसके साथ ही अन्य औद्योगिक कनेक्शन भी है। ऐसे में जिले में जो बिजली की खपत होती है उसमें से 50 से 55 प्रतिशत इंडस्ट्रीज के उपयोग होती है। इसके अलावा शेष बिजली कृषि और घरेलू उपयोग में आती है।

मौसम के कारण बिजली की खपत हुई कम

पिछले कुछ समय से जो मौसम चल रहा है, इसके कारण बिजली की डिमांड कम हुई है। पिछले साल मई माह के मुकाबले इस माह अब तक 44 लाख यूनिट से अधिक बिजली की बचत हुई है।

  • भवानी शंकर शर्मा, एसई डिस्कॉम राजसमंद सर्किल
Updated on:
14 May 2025, 11:25 AM IST
Published on:
Also Read
View All
Rajsamand Panchayat Chunav 2026: जिला परिषद के 13 और पंचायत समिति के 81 वार्डों में पहले चरण का चुनाव कल, मैदान में 192 उम्मीदवार

Dussehra Unique Tradition : दशहरे पर राजस्थान में अनूठी परंपरा, चारभुजा में गोलियों और पत्थरों से किया रावण को जमींदोज

राजसमंद: मशीनों के दौर में भी मिट्टी की कुश्ती का जुनून बरकरार, कांकरोली का शक्करकुड़ी अखाड़ा सहेजे है सदियों पुरानी विरासत

Rajsamand: जिला प्रमुख की कुर्सी पर किसका होगा कब्जा? सियासी गणित में उलझी भाजपा-कांग्रेस; 14 महिला वार्डों पर नजर

राजस्थान पंचायत चुनाव के बीच BJP-कांग्रेस को झटका: महापंचायत में कुमावत समाज का एलान- किसी दल का टिकट नहीं लेंगे