राजसमंद

सत्ता बदलते ही ठप हुए मंदिर विस्तार के कार्य

-कार्य अधूरे और ठेकेदार का अता-पता नहीं
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Work of temporal extension of the temple stopped
सत्ता बदलते ही ठप हुए मंदिर विस्तार के कार्य


चारभुजा. धार्मिक स्थल चारभुजा मंदिर विस्तार योजना के कार्य को दो वर्ष पहले पूर्व मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे द्वारा 5 करोड़ 80 लाख की स्वीकृति दी गई थी। इसके बाद पिछले एक वर्ष से कार्य चल रहा था, लेकिन सरकार बदलते ही कार्य ठप हो गए और ठेकेदार भी गायब हो गए हैं।
राजे सरकार के कार्यकाल में बजट मिलने के बाद कार्य शुरू हुआ, लेकिन कुछ समय बाद बंद हो गए थे। बाद में पूर्व मुख्यमंत्री के चारभुजा का दौरा करने के दौरान यह मुद्दा उठा, जिसके बाद उनके निर्देशों पर कार्य फिर से शुरू करवाया गया था। लेकिन, पूर्व मुख्यमंत्री राजे की 4 अगस्त को चारभुजा में सुराज संकल्प यात्रा व के तहत आने के बाद से कार्य फिर से ठप से हो गए है, जो अब तक शुरू नहीं हुए हैं। मंदिर विस्तार के तहत दुधतलाई पर दो सामुदायिक सुलभ शौचालय, रामीतलाई पर सुलभ शौचालय, दुधतलाई के चारों तरफ पक्की दीवारों का निर्माण व रेलिंग लगाना एवं लाइटिंग, सौन्दर्यकरण, फव्वारे लगाने का कार्य प्रस्तावित है। इसके साथ ही भीम कुण्ड, मंदिर की बावड़ी के जीर्णोद्वार के साथ ही बस स्टैण्ड स्थित धर्मशाला के जीर्णोद्धार का कार्य भी शामिल है। वर्तमान में यह सभी कार्य बन्द पडे हुए हैं और पिछले करीब 6 माह से ठैकेदार का भी अता-पता नहीं है।
सड़को के कार्य भी अधर में
चारभुजा-सैवन्त्री दो धार्मिक स्थानों को जोडऩे वाली लिंक रोड का कार्य भी अधूरा पड़ा है। इसमें भोपजी की भागल से चारभुजा, साथिया से सैंवन्त्री व चारभुजा बस स्टैण्ड से रोकडिय़ा हनुमान मंदिर के कार्य भी वर्तमान में बन्द पड़े हैं, जबकि इन लिंक रोड पर 8 करोड़ की राशि स्वीकृत है।
किया जाए ठेकेदार को पाबंद
ग्राम पंचायत चारभुजा के सरपंच नाथूलाल गुर्जर ने इस संबंध में देवस्थान आयुक्त उदयपुर को पत्र लिखकर मंदिर विस्तार योजना के तहत स्वीकृत हुए सभी कार्य पूरे करवाने की मांग की है। उन्होंने इसके लिए ठेकेदार को पाबंद कर तत्काल काम शुरू करवाने की मांग की है।

Published on:
15 Jan 2019 12:20 pm