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Maha Shivratri 2026: राजस्थान में है विश्व की सबसे ऊंची शिव प्रतिमा, 20 Km दूर से होते हैं दर्शन

राजस्थान के नाथद्वारा में स्थित 369 फीट ऊंची 'विश्वास स्वरूपम' प्रतिमा विश्व की सबसे ऊंची शिव मूर्ति है। महाशिवरात्रि के अवसर पर यहां लाखों भक्तों के जुटने की उम्मीद है। इसके अंदर लिफ्ट और सीढ़ियों की सुविधा है, जहां से भक्त महादेव के दर्शन कर सकते हैं।
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विश्वास स्वरूपम (पत्रिका फोटो)

Rajsamand News: इस बार महाशिवरात्रि पर यदि आप महादेव के किसी अद्भुत रूप के दर्शन करना चाहते हैं, तो राजस्थान के नाथद्वारा स्थित 'विश्वास स्वरूपम' (Statue of Belief) से बेहतर कोई जगह नहीं है। प्रभु श्रीनाथजी की नगरी में गणेश टेकरी पहाड़ी पर विराजे महादेव की यह प्रतिमा न केवल आस्था का केंद्र है, बल्कि इंजीनियरिंग का एक बेमिसाल नमूना भी है।

20 किमी दूर से दर्शन

369 फीट ऊंची यह प्रतिमा दुनिया की टॉप-5 ऊंची प्रतिमाओं में शुमार है। इसकी विशालता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यह 20 किलोमीटर दूर से ही स्पष्ट नजर आने लगती है। रात के समय विशेष लेजर लाइटों के जरिए इसे इस तरह सजाया जाता है कि आकाश में भी महादेव का प्रतिबिंब दिखाई देता है।

10 साल की मेहनत और 3000 टन स्टील

संत कृपा सनातन संस्थान द्वारा निर्मित इस प्रतिमा को बनाने में करीब 10 साल का लंबा समय लगा। इसे मूर्तिकार नरेश कुमार ने तैयार किया है। इसके निर्माण में 3000 टन स्टील, लोहा और 2.5 लाख क्यूबिक टन कंक्रीट का इस्तेमाल हुआ है। विशेषज्ञों का दावा है कि यह प्रतिमा अगले 2500 सालों तक इसी तरह मजबूती से खड़ी रहेगी। इस पर 250 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं का भी कोई असर नहीं होगा।

प्रतिमा के अंदर बसा सकता है 'पूरा गांव'

यह दुनिया की ऐसी प्रतिमाओं में शामिल है जिसके अंदर लिफ्ट और सीढ़ियां बनाई गई हैं। प्रतिमा के भीतर बने हॉल इतने विशाल हैं कि एक साथ 10 हजार लोग वहां आ सकते हैं, यानी एक छोटा कस्बा इसमें समा सकता है। ऊपरी हिस्से तक जाने के लिए 4 लिफ्ट लगाई गई हैं, जिसके जरिए भक्त महादेव के कंधे और त्रिशूल तक पहुंच सकते हैं।

ध्यान मुद्रा में विराजे हैं भोलेनाथ

51 बीघा की पहाड़ी पर बनी इस प्रतिमा में भगवान शिव 'अल्लड़' और 'ध्यान' की मुद्रा में विराजमान हैं। उनके ठीक सामने 25 फीट ऊंचा नंदी भी बनाया गया है। महाशिवरात्रि के दौरान यहां विशेष अभिषेक और आध्यात्मिक कार्यक्रमों का आयोजन होता है, जिसमें शामिल होने के लिए देशभर से श्रद्धालु पहुंचते हैं। इस बार भी हजारों लोग रात्री जागरण, रुद्र पूजा और प्रतिमा के आधार पर विशेष दर्शन करने के लिए आएंगे।

Updated on:
14 Feb 2026 05:25 pm
Published on:
14 Feb 2026 05:21 pm