42 साल बाद रामपुर विधानसभा में बीजेपी जीती है। विधानसभा की जीत ने रामपुर लोकसभा का समीकरण भी बदल दिया है।
रामपुर विधानसभा उपचुनाव में बीजेपी के आकाश सक्सेना ने चुनाव जीत इतिहास रच दिया है। ये पहला मौका है जब रामपुर सदर सीट पर भाजपा का विधायक बना है। विधानसभा सीट ही नहीं रामपुर लोकसभा पर भी इस नतीजे का असर हुआ है।
सदर सीट जीत भाजपा 3-2 से आगे हुई
रामपुर विधानसभा की सीट बीजेपी के खाते में जाने के बाद लोकसभा का सियासी समीकरण बदल गया है। रामपुर लोकसभा में 5 विधानसभा की सीटें आती हैं। स्वार, चमरऊआ, बिलासपुर, रामपुर, मिलक।
इस साल मार्च में हुए विधानसभा चुनाव में जिसमें रामपुर, बिलासपुर, मिलक बीजेपी के पास और स्वार, चमरूआ समाजवादी पार्टी के पास है। बीजेपी विधायक- रामपुर से आकाश सक्सेना, बिलासपुर से बलदेव सिंह औलख, मिलक से राजबाला और सपा विधायक- स्वार से अब्दुला आजम, चमरऊआ से नसीर अहमद खान।
इसके साथ ही लोकसभा की सीट पर हुए उपचुनाव में भी इस साल भाजपा भगवा फहरा चुकी है। भाजपा के घनश्याम लोधी लोकसभा के उपचुनाव में जीेते थे। तब भी आजम के करीबी आसिम रजा ने ही चुनाव लड़ा था और हार का सामना करना पड़ा था।
आकाश के लिए आसान नहीं था रामपुर जीतना
रामपुर विधानसभा बीजेपी के लिए जीतना सबसे कठिन था। क्योंकि आजादी के बाद से यहां पर कुल 19 बार चुनाव हुए लेकिन एक बार भी यहां बीजेपी जीत दर्ज नहीं कर पाई। वहीं प्रदेश में दो बार बीजेपी सत्ता में आई लेकिन रामपुर में उनके लिए सपना ही रह गया। ऐसे में प्रदेश की इस सीट पर जीत हासिल करना बीजेपी के लिए चुनौती थी। बीजेपी ने इस उपचुनाव में सटीक रणनीति और अल्पसंख्यकों को गोलबंद करने में कामयाब रही। नतीजा यह निकला कि बीजेपी प्रत्याशी आकाश सक्सेना ने बड़े मार्जिन से जीत दर्ज की।
रामपुर विधानसभा सीट पर कुल 131208 वोट पड़े। जिसमें बीजेपी के आकाश सक्सेना को 81432 वोट और सपा के आसिम रजा को 47296 वोट मिले। आकाश सक्सेना 34,236 वोटों से जीत दर्ज की।