रामपुर

जेल से बाहर आते ही ED की गिरफ्त में आए आजम खान और अब्दुल्ला: रामपुर में मचा सियासी हड़कंप

Azam Khan ED Custody: रामपुर जेल से रिहा होने के बाद ईडी ने समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान को शनिवार शाम को मनी-लॉन्ड्रिंग जांच के सिलसिले में गिरफ्तार किया है। उन्हें कल गाजियाबाद में एक स्पेशल PMLA कोर्ट में पेश किया जाएगा
2 min read
• •
Updated: 31 Oct 2026, 8:06 PM IST
azam-khan
आजम खान को ईडी ने लिया हिरासत में

Azam Khan ED Custody: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री मोहम्मद आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम की मुश्किलें खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं। कोर्ट से राहत मिलने के बाद जैसे ही दोनों रामपुर जेल से बाहर आए, वैसे ही प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने उन्हें हिरासत में ले लिया। जेल के गेट से रिहाई की आस लगाए बैठे समर्थकों की खुशी पलभर में गायब हो गई और पूरे रामपुर जिले में अचानक भारी राजनीतिक हड़कंप मच गया। ईडी कल सुबह आजम खान को कोर्ट में पेश करेगी और कस्टडी मांगेंगी।

रिहाई के तुरंत बाद ED की बड़ी कार्रवाई

जौहर यूनिवर्सिटी और संपत्तियों से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामलों की जांच के सिलसिले में ईडी की टीम पहले से ही मुस्तैद थी। जैसे ही जेल प्रशासन ने कानूनी प्रक्रिया पूरी कर आजम खान और उनके बेटे को बाहर निकाला, ईडी के अधिकारियों ने उन्हें रोक लिया और नया कस्टडी वारंट थमा दिया। अधिकारियों का कहना है कि वित्तीय अनियमितताओं और मनी-लॉन्ड्रिंग के गंभीर आरोपों के तहत दोनों से आगे पूछताछ करना आवश्यक है।

जेल के बाहर समर्थकों का भारी हंगामा और विरोध प्रदर्शन

आजम खान और उनके बेटे की गिरफ्तारी की खबर मिलते ही रामपुर जेल परिसर के बाहर बड़ी संख्या में एकत्र हुए सपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों का गुस्सा फूट पड़ा। समर्थकों ने नारेबाजी शुरू कर दी और प्रशासनिक कार्रवाई को राजनीतिक विद्वेष करार दिया। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए रामपुर जिला प्रशासन ने जेल के आसपास और शहर के प्रमुख चौराहों पर भारी पुलिस बल और पीएसी (PAC) की तैनाती कर दी है, ताकि कानून-व्यवस्था की स्थिति नियंत्रित रहे।

रामपुर में गरमाई सियासत

इस अचानक हुई कार्रवाई पर समाजवादी पार्टी के स्थानीय नेताओं और केंद्रीय नेतृत्व ने कड़ा ऐतराज जताया है। पार्टी प्रवक्ताओं का कहना है कि विपक्ष के नेताओं को लगातार निशाना बनाया जा रहा है और अदालत से जमानत मिलने के बावजूद नई एजेंसियों को आगे कर दिया जाता है। दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने स्पष्ट किया है कि जांच एजेंसियां कानून और साक्ष्यों के आधार पर स्वतंत्र रूप से कार्य कर रही हैं और भ्रष्टाचार के मामलों में किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।

Updated on:
31 Oct 2026, 8:06 PM IST
Published on: