मुख्य बातें छह साल पहले हुई थी युवती की शादी दहेज को लेकर चल रहा था मुकदमा आपसी समझौते को बुलाई गयी थी बिरादरी की पंचायत
रामपुर: केंद्र सरकार ने भले ही तीन तलाक के खिलाफ कानून बना दिया हो, लेकिन इस तरह के मामले आये दिन सामने आ रहे हैं। जी हां जनपद के गंज थाना क्षेत्र में इसी तरह का मामला सामने आया है, जिसमें भरी पंचायत में पति ने अपनी पत्नी को तीन तलाक दे दिया है। दोनों के बीच दहेज उत्पीड़न को लेकर मामले में बिरादरी की पंचायत बुलाई गयी थी। पीड़ित पत्नी ने पति सहित तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करवाया है। संसद में कानून पारित होने के बाद तीन तलाक का ये तीसरा मामला सामने आया है।
छह साल पहले हुई थी शादी
जानकारी के मुताबिक गंज थाना क्षेत्र के मोहल्ला घेरमीर बाज खां निवासी फौजिया खान ने बताया कि छह साल पहले उसकी शादी दिल्ली के पड़पड़गंज निवासी खुर्रम शहजाद अली से हुई थी। शादी के तीन साल के बाद महिला ने एक बेटी को जन्म दिया था। फौजिया का कहना है कि उसके ससुराल वाले शादी में मिले दहेज से खुश नहीं थे। इसको लेकर उसको मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। जिससे आजिज आकर उसने महिला थाने में मामला दर्ज करवा दिया जो अभी विचाराधीन है।
मुकदमा वापस लेने का बना रहे थे दबाब
उसका आरोप है कि इस मुकदमे को वापस लेने को लेकर उसके पति, सास और देवर दबाव बना रहे थे। इसको लेकर कई लोगों को उसके घर पर भेजा। 10 अगस्त को आरोपी समझौता करने के उद्देश्य से उसके खालू के यहां कटकुईया मोहल्ले में पहुंच गए थे। फौजिया अपने पिता के साथ पहुंच गई। पंचायत में आरोपी महिला पर लांछन लगाने लगे और प्रोपर्टी अपने नाम करने का नजायज दबाव बनाने लगे। फौजिया और उसके पिता ने जब इसका विरोध किया तो आरोपी गाली-गौलच पर उतारू हो गए। महिला का आरोप है कि अपने परिवारवालों के उकसाने पर पति ने पंचायत में तीन तलाक दे दिया और तीन साल की बच्ची को उठाकर ले जाने की कोशिश करने लगे। जब उसके पिता और खालू ने विरोध किया तो वह गाली-गलौच करते हुए भाग गए।
नए कानून के मुताबिक मामला दर्ज
फौजिया की शिकायत के आधार पर पुलिस ने पति खुर्रम शहजाद अली, सास अमीना और देवर सिकंदर के खिलाफ आईपीसी की धारा 506, मुस्लिम महिला अध्यादेश 2018 की धारा तीन और चार के तहत रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।