रामपुर उपचुनाव में सुभासपा को 169 वोट और नोटा को 726 वोट मिले हैं। जबकि 5 निर्दलीय ऐसे हैं जिन्हें सुभासपा के कैंडिडेट से ज्यादा वोट मिले हैं।
उत्तर प्रदेश विधानसभा सपा के साथ लड़ने वाले ओम प्रकाश राजभर कुछ समय पहले अखिलेश यादव से नाराज हो गए थे। उपचुनाव का ऐलान हुआ तो उन्होंने प्रत्याशी उतारने का ऐलान कर दिया। अखिलेश यादव को AC में बैठकर राजनीति करने वाले बताते हुए उन्होंने अपनी पार्टी को मजबूत विकल्प कहा। लेकिन अब नतीजे कुछ और कही कह रहे हैं।
दो कैंडिडेट उतारे, चुनाव लड़ा सिर्फ एक
ओम प्रकाश राजभर की पार्टी सुभासपा ने मैनपुरी लोकसभा और रामपुर विधानसभा में अपने कैडिंडेट उतारने का ऐलान किया था। खतौली में उनका कोई कैंडिडेट मैदान में नहीं था। मैनपुरी में सुभासपा कैंडिडेट का पर्चा कैंसिल हो गया था। ऐसे में सिर्फ रामपुर से उनका कैंडिडेट चुनाव लड़ा।
सुभासपा से ज्यादा नोटा को मिले वोट
रामपुर विधानसभा में बीजेपी के आकाश सक्सेना और सपा के आसिम रजा में ही मुख्य मुकाबला रहा। सुभासपा के उम्मीदवार जयवीर सिंह भी मुख्य मुकाबले में आना तो दूर जमानत भी नहीं बचा सके। यहां तक कि उनको नोटा से भी कम वोट मिले। चुनाव आयोग के बेबसाइट के मुताबिक सुभासपा कैंडिडेट जयवीर को कुल 169 वोट मिले। नोटा को 726 वोट मिले हैं।
लोकसभा के बाद विधानसभा में भी आसिम रजा की हुई हार
रामपुर विधानसभा सीट पर बीजेपी उम्मीदवार आकाश सक्सेना ने जीत दर्ज की। वहीं सपा के आसिम रजा को लोकसभा के बाद विधानसभा में भी हार का सामना करना पड़ा। आकाश को 81,432 वोट मिले। वहीं असिम रजा को 47,296 लोगों ने वोट किया। इस सीट पर कुल 10 उम्मीदवार मैदान में थे।