
JPSC JSSC controversy: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) परीक्षा विवाद को लेकर लंबे समय से आंदोलन कर रहे छात्रों की अंततः बड़ी जीत हुई है। छात्र नेता देवेंद्र महतो ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर झारखंड सरकार द्वारा छात्रों की सभी मांगें स्वीकार किए जाने की जानकारी दी और इसे छात्र आंदोलन की ऐतिहासिक जीत करार दिया।
देवेंद्र महतो ने बताया कि 17 अगस्त को झारखंड सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए JSSC-CGL समेत 'टीडूपीएल' (TDPL) द्वारा आयोजित सभी विवादित परीक्षाओं को रद्द करने की मांग स्वीकार कर ली है।
प्रेस वार्ता के दौरान छात्र नेता देवेंद्र महतो ने आंदोलन की शुरुआत से अब तक की पूरी घटनाक्रम की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा (PT) का रिजल्ट जारी होने के बाद 2 जुलाई से छात्रों ने आंदोलन शुरू किया था। छात्रों ने रिजल्ट में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए 5 जुलाई से सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए 21 जुलाई से CID ने इसकी जांच शुरू की। देवेंद्र महतो के मुताबिक, जांच आगे बढ़ने के साथ कुछ कार्रवाई भी हुई, लेकिन छात्रों ने कथित धांधली के पीछे शामिल मुख्य लोगों का पता लगाने और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर अपना आंदोलन और तेज करने का फैसला किया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान छात्र नेता देवेंद्र महतो ने मीडिया और आंदोलन से जुड़े सभी अभ्यर्थियों का धन्यवाद करते हुए कहा कि हमारी आवाज को देश और दुनिया तक पहुंचाने के लिए मीडिया का शुक्रिया। 17 अगस्त को झारखंड सरकार ने हमारी सभी प्रमुख मांगों को स्वीकार कर लिया है। JSSC-CGL और TDPL द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं को रद्द करने का निर्णय छात्र आंदोलन की एक ऐतिहासिक जीत है। मैं इस सफलता के लिए उन सभी छात्रों और प्रदर्शनकारियों का आभार व्यक्त करता हूं जो हर कदम पर हमारे साथ खड़े रहे। वहीं, सरकार के इस फैसले के बाद राज्य के हजारों प्रतियोगी परीक्षार्थियों में खुशी की लहर है। छात्रों का कहना है कि वे आगे भी पारदर्शी परीक्षा प्रणाली के लिए एकजुट रहेंगे।