
छात्र नेता देवेंद्र महतो ने खत्म की भूख हड़ताल (Photo-IANS)
Jharkhand Protest: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ 16 दिनों से अनशन कर रहे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने सोमवार को अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर दी। हेमंत सोरेन सरकार द्वारा JSSC-CGL परीक्षा समेत निजी कंपनी TDPL की ओर से आयोजित सभी भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने के फैसले के बाद उन्होंने अपना अनशन खत्म किया।
रांची के सदर अस्पताल में देवेंद्र नाथ महतो ने मंत्री दीपिका पांडेय सिंह और इरफान अंसारी की मौजूदगी में अनशन तोड़ा। इस दौरान सीएम सोरेन, राहुल गांधी समेत कई नेताओं को धन्यवाद भी कहा।
अनशन समाप्त करने के बाद देवेंद्र नाथ महतो ने सरकार के फैसले का स्वागत किया और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, राज्य सरकार के मंत्रियों, आंदोलन में साथ देने वाले छात्रों और मीडिया का आभार जताया।
महतो ने कहा कि झारखंड के लिए यह बड़ी जीत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने फिलहाल अपना विरोध स्थगित किया है, लेकिन परीक्षा सुधार के लिए उनका संघर्ष जारी रहेगा।
उन्होंने कहा कि भर्ती परीक्षाओं को पारदर्शी बनाने के लिए कड़े कानून और व्यापक सुधार जरूरी हैं। प्रत्येक परीक्षा की निगरानी और ऑडिट होना चाहिए तथा परीक्षा के हर चरण के लिए स्पष्ट प्रमाण-पत्र और जवाबदेही की व्यवस्था होनी चाहिए।
महतो ने कहा कि JSSC-CGL को रद्द करना इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसकी भर्ती प्रक्रिया काफी आगे बढ़ चुकी थी और करीब 1,800 सफल अभ्यर्थियों की विभिन्न सरकारी विभागों में नियुक्ति भी हो चुकी थी।
राज्य सरकार ने झारखंड में 2014 से अब तक आयोजित सभी भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की जांच CID से कराने का भी फैसला लिया है। इसके साथ ही परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए वरिष्ठ IAS अधिकारी अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में एक परीक्षा सुधार समिति गठित की गई है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि चल रही CID और SIT जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। मंत्रिमंडल में व्यापक विचार-विमर्श के बाद JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने का निर्णय लिया गया। TDPL द्वारा आयोजित अन्य सभी भर्ती परीक्षाएं भी रद्द की जाएंगी।
इन आरोपों के बाद नौकरी के अभ्यर्थियों ने रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में धरना शुरू किया था। इस आंदोलन में कई छात्रों ने भूख हड़ताल भी की। छात्र संगठनों की मुख्य मांगों में पूरे मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच शामिल रही है। सरकार ने फिलहाल CID की व्यापक जांच का आदेश दिया है, लेकिन आंदोलनकारी छात्र स्वतंत्र जांच और परीक्षा व्यवस्था में ठोस सुधार को लेकर अतिरिक्त आश्वासन चाहते हैं।
मंत्री इरफान अंसारी के मुताबिक, देवेंद्र नाथ महतो, उम्मे हबीबा और राहुल क्रांति ने सरकार द्वारा आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगें स्वीकार किए जाने के बाद स्वेच्छा से भूख हड़ताल समाप्त की।
सदर अस्पताल में तीनों को जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया गया। इसके बाद उनका मेडिकल चेकअप किया गया। मंत्री के अनुसार, तीनों की हालत ठीक है और उनका ब्लड प्रेशर तथा ब्लड शुगर सामान्य पाया गया।
Updated on:
18 Aug 2026 07:48 am
Published on:
18 Aug 2026 07:48 am
